भाजपाई कर्नाटक के मामले में उच्चकोटि का प्रवचन किसे बांच रहे हैं : तेजस्वी यादव

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बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बहुमत न मिलने के बाद भी ‘सबसे बड़ी पार्टी’ की दलील देकर सरकार बनाने के दावे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने भाजपा के उस बयान पर निशना साधा है, जिसमें सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाए जाने की दलील दी जा रही है। कर्नाटक चुनाव नतीजों में भाजपा को 104 सीट मिली है, लेकिन बहुमत का आंकड़ा 113 तक नहीं पहुंच पाई।

तेजस्वी ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए ट्वीट किया, ‘क्या बिहार में भाजपा को बहुमत मिला था? क्या बिहारियों ने भाजपा को बहुत बुरी तरह नहीं हराया था? नीतीश जी की मदद से बिहार में बहुमत का चीरहरण और लोकतंत्र का जनाजा निकाल चोर दरवाजे से सरकार में बैठ मलाई चाट रहे भाजपाई कर्नाटक के मामले में उच्चकोटि का प्रवचन किसे बांच रहे हैं?’ पिछले साल बिहार में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से रिश्ता तोड़ते हुए भाजपा से समर्थन लेकर सरकार बना ली थी, जबकि राज्य में 80 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) थी।उल्लेखनीय है कि कर्नाटक विधानसभा

चुनाव परिणाम के अनुसार, भाजपा को 104 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से कम है। ऐसे में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच गठबंधन बहुमत का आंकड़ा पार करता दिख रहा है। यह दीगर बात है कि ये दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े, लेकिन भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए एकजुट हो गए हैं। उधर भाजपा के पास विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए एक सप्ताह का समय है। भ्रष्टाचार में जेल जा चुके येदियुरप्पा को गद्दी पर बिठाने के लिए धनकुबेर रेड्डी बंधु अपना खजाना खोलने को तैयार बैठे हैं।