भाजपा नेता की लड़की के संग रंगरलियां मनाते हुए तस्वीरें और वीडियो देखें!

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भाजपा नेता लड़की के संग मना रहे थे रंगरलियां, वायरल हो गई अश्लील तस्वीरें

अक्सर चुनावी मौसम मे ही नेताओं की सेक्स सीडियां और अश्लील तस्वीरें सामने आती हैं, गुजरात चुनाव के समय वहां हार्दिक पटेल की भी कथित तौर पे सेक्स सीडी सामने आ आयी थी, तभी भाजपा के एक नेता की अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

आखिर क्यों इतनी वायरल हो रही हैं ये तस्वीरें

इन तस्वीरों में नेता और लड़की का चेहरा सामने से नहीं दिख रहा है, मगर दोनों ही आपत्तिजनक अवस्था में हैं, हालाँकि तस्वीर देखने से ये साफ़ पता चलता है की, इसमें किसी तीसरे शख्स का हाथ है। जिसने नेताजी के अंतरंग होने की अवस्था में उनकी फोटो उतार ली।

आखिर कौन है ये नेता और कहां की है तस्वीर

सोशल मीडिया पर श्यामानंदन कुमार, श्रुति सिंह सहित कई यूजर्स ने इस तस्वीर को पोस्ट किया था। उनका दावा था कि यह तस्वीर जलेसर एटा के नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे शख्स की है। यह शख्स पहले संगठन से जुड़ा रहा।


इस बार बीजेपी ने टिकट देकर चुनाव मैदान मे उतारा है। यह भी कहा गया था कि यह खबर भाजपा में ही उनके एक करीबी ने लीक की है, क्योंकि वह व्यक्ति इस शख्स की बजाए खुद टिकट चाहता था। हालांकि तमाम यूजर्स कमेंट में इसे फेक तस्वीर बताया

हम इस खबर की सत्यता की पुस्टि नहीं करते हैं |

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सोनाली मिश्र
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दो साल पहले अपने बच्चों को क्रेच में भेजा था कुछ समय के लिए, तो उन अंकल की बहू ने ही यह बात बोली थी कि आप अपने बच्चों को वहां से हटा लीजिए, क्योंकि मेरे ससुर बच्चों के साथ कुछ गलत हरकत करते हैं. इस बात में कितना गृह क्लेश था कितनी आपस की लड़ाई थी, नहीं पता, मगर मैंने अपने बच्चों को वहां से हटा लिया था और बाद में उन अंकल के बारे में निगेटिव ही फीडबैक मिला था. खैर, आज यह वाकया इसलिए ध्यान आया कि कल ग्रामीण सेवा वाले फटफटिया ऑटो में जब मैं बैठी, तो एक ऐसे बुजुर्ग भी बैठे, जिनके हाथ एकदम कांप रहे थे. निगाहें स्थिर नहीं थीं. मगर जब वे दूर बैठे थे तो उनके बगल में बैठी हुई लड़की असहज रही, वह थोड़ी दूर जाकर उतर गयी और वे महाशय मेरे बगल में बैठे तो पता चला कि वह लड़की इतनी असहज क्यों थी? उनके कांपते हाथ वहां पहुँच रहे थे, जहां पर यदि किसी जवान और प्रौढ़ व्यक्ति के हाथ पहुंचे तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाए. उस कथित असहाय व्यक्ति पर चीखने या सबक सिखाने जैसे किसी शब्द इस्तेमाल की हिम्मत ही नहीं कोई कर सकता था. खैर, मैंने ऑटो वाले से कहा कि इस चार की क्षमता वाली सीट पर तीन को ही बैठाए, मैं दो सवारी के पैसे दे दूंगी! और उन के और अपने बीच में अपना पर्स रख लिया. और इस प्रकार इस प्रकरण का अंत किया. मुझे पता है कि उस लड़की को भी उन्होंने इसी तरह तंग किया होगा. खैर, समस्या यह है कि उम्र के इस पड़ाव पर जब होना यह चाहिए कि आप एक वट वृक्ष की तरह रहें, उस समय आप न जाने किन इच्छाओं के वशीभूत होकर खुद को ऐसा कर लेते हैं कि समाज का भरोसा उठने लगता है. मुझे तो न जाने क्यों बार बार यह लगता है कि मैं दो बच्चों की माँ हूँ, मैं अब इन हरकतों से सेफ ज़ोन में हूँ, मगर उस दिन मुझसे किसी ने कहा कि तुम दो बच्चों की माँ हो, यह तुम्हें पता है. और केवल यह हो जाने से तुम सेफ ज़ोन में कैसे आ सकती हो. खैर यह बात बाद में, मगर समाज में ऐसे बुजुर्गों की संख्या बहुत ही तेजी से बढ़ रही है. क्या इसमें स्मार्ट फोन का हाथ है, क्योंकि आजकल स्मार्ट फोन पर क्या देखा जा रहा है और किस तरह के वीडियो देखे जा रहे हैं यह भी एक शोध का ही विषय है. मगर समाज में एक दो ऐसे बुजुर्गों की हरकतों के कारण सब निशाने पर आ जाते हैं.
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