#भारत बंद की ख़बर एक अफ़वाह है, ये एक साजिश है!

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Sikander Kaymkhani
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मुसलमानों की रहनुमाई करने वाली तमाम तंज़ीमें – मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीअत उलेमा ए हिन्द, जमीअत अहले हदीस, रज़ा एकेडमी, जमाअत इस्लामी हिंद, मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन, मुस्लिम लीग या और किसी भी जमाअत या तंज़ीम ने इस तरह के किसी भी भारत बंद का कोई भी ऐलान नहीं किया है।

पहले किसी ने अफ़वाह उड़ाई की 29 अप्रैल को भारत बंद है फिर ख़बर आई की 20 अप्रैल को बंद है।

ये एक साजिश है। क्योंकि आसिफ़ा और उन्नाव के मामले में पूरा मुल्क विरोध पर उतरा हुआ है।

मुसलमानों के साथ साथ ग़ैर मुस्लिम और दूसरे हम वतन भाई भी सख़्त विरोध दर्ज करवा रहे हैं।

ये बात साम्प्रदायिक ताक़तों को हज़म नहीं हो रही है इसलिए वो चाहते हैं कि इस पूरे मामले को हिन्दू मुस्लिम रंग दे दें।

इसलिए बंद की अफ़वाह फैलाई जा रही है ताकि मुसलमान नौजवान सड़कों पर उतर आए और बंद करवाएं और इस दौरान कोई हादसा हो जाए और देश को हिन्दू मुस्लिम दंगों में झोंक कर, आसिफ़ा – उन्नाव के मुद्दे से ध्यान भटका दिया जाए और मुसलमानों को बदनाम करके आने वाले चुनावों में राजनीतिक रोटियाँ सेकी जा सकें।

इसलिए आप सभी हज़रात से गुज़ारिश है कि इस तरह की अफ़वाहों को रोकिए और आसिफ़ा व उन्नाव की मज़लूम बच्ची को इंसाफ़ दिलाने के लिए अपनी पुरअम्न कोशिशें जारी रखें। शुक्रिया

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Azhar Shameem
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ये बात अपने आप में सुकून देने वाली है कि कठुआ की आसिफा रेप के मामले में देश भर के सभी धर्म के लोग उसके लिए इंसाफ किए जाने की मांग कर रहे हैं और बलात्कारियौ के और उनके पक्छधरों के खिलाफ खड़े हैं।
सोशल मीडिया से उठी आवाज़ पर मीडिया जागा और फिर ये जनांदोलन बन गया। अब मीडिया के साथ ,साथ पूरा बॉलीवुड , और क्रिकेट और अन्य खेल से सम्बंधित खिलाडी भी आसिफा और उन्नाव पीड़ित के पच्छ में आवाज़ उठा रहे हैं। सभी छोटे , बड़े शहरों में कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं , सभाएं हो रही हैं लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।
पहली बार हिन्दू , मुस्लिम , सिख सभी इस मुद्दे पर एक हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं , दोशियौ के लिए फांसी की सज़ा की मांग कर रहे हैं।
भाजपा और संघ परिवार की दुर्गत हो रही है , प्रवक्ताओं से जवाब नहीं देते बन पड़ रहा है और भाजपा की छवि दागदार हो रही है। जनता में भजपाईय्यौ की पहचान बलात्कारी समर्थक पार्टी की होती जा रही है और लोगों ने अपने घरों के बाहर और मुहल्लों की गलियों में बैनर , पोस्टर लगाने शुरू कर दिए हैं कि कृपया भाजपायी इधर ना आये घरों में बहन , बेटियाँ हैं।
जिस प्रकार से मोदी राज में बलात्कार की संख्या बढ़ती जा रही है और दंगे , फसाद हो रहे हैं ,सभी भाजपा के खिलाफ होते जा रहे हैं। लोगो को लगने लगा है कि विकास के नारे के साथ आई ये सरकार विनाशकारी एजेंडे पर काम कर रही है और इसके नेताओं की ज़हरीली बोली ,ज़हरीली सोच से माहौल खराब हो रहा है। लोग इनकी विभाजनकारी , जनविरोधी सरकार के खिलाफ होते जा रहे हैं और इसका परिणाम 2019 को ज़रूर देखने को मिलेगा।
देश में भगवावादी कितनी भी नफरत फैलाने की कोशिश कर लें अभी भी अधिकांश देशवासी अपनी प्रकृति में साम्प्रदायिकता विरोधी हैं और शांतिप्रेमी हैं , वे इन हेट मोंगरों को ज़रूर जवाब देंगे।और सत्ता से उखाड़ फेकेंगे।