मध्यप्रदेश में हो रहा है विकास,,,सरकारी बाबू ध्रुव सिंह भदौरिया के घर छापे में मिली कई करोड़ की संपत्ति

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विकास,,,विकास,,,विकास,,,जनता अभी तक आस लगाए बैठी है कब होगा विकास, विकास सरकारी बाबू और अधिकारीयों का होता है, आम जनता को तो हर हाल में मुसीबतें ही उठाना होती हैं|

महिला बाल विकास विभाग के भिंड ग्रामीण परियोजना कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 ध्रुव सिंह भदौरिया के भिंड और ग्वालियर आवास पर शनिवार को लोकायुक्त पुलिस ने छापा डाला। जैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने भदौरिया के भिंड स्थित घर के दरवाजे की घंटी बजाई तो गेट खोलने से पहले वह 6.62 लाख रुपए नगद अपनी छत पर ईटों में छिपा आया। लोकायुक्त पुलिस ने तलाशी में यह नगदी जब्त कर ली है। बाबू के यहां से करीब तीन करोड़ की संपत्ति पाई गई।

मालुम हो कि बाबू ने 24 साल की नौकरी में 20 लाख रुपए का वेतन पाया है। 11 माह पहले श्योपुर से स्थानांतरण होकर भिंड आए बाबू के पास कोई चार्ज नहीं था। इससे भिंड में पदस्थ रहते हुए उनके पास पोषण आहार और स्थापना शाखा का प्रभार था। लोकायुक्त की टीम ने शनिवार की सुबह 5.30 बजे ध्रुव सिंह भदौरिया के भिंड की डायवर्सन रोड के निकट परशुराम छात्रावास के बगल में स्थित मकान पर दबिश दी।

बताया जा रहा है कि भदौरिया को लोकायुक्त पुलिस के आने की भनक लग गई थी इसलिए गेट खोलने से पहले ही नगदी छत पर ईटों में छिपाकर रख दी थी। लोकायुक्त पुलिस ने यह नगदी जब्त कर ली है। इसके बाद भदौरिया को ग्वालियर ले जाया गया। जहां शताब्दीपुरम स्थित आवास पर नगदी तो नहीं मिली पर अचल संपत्ति के कागजात के साथ ही 100 ग्राम सोना व इतनी ही चांदी के जेवर मिले।

भिंड में कार्रवाई के दौरान पता लगा ध्रुव सिंह के मकान के एक हिस्से में जिला खनिज अधिकारी आरपी भदकारिया रहते हैं। तब भदकारिया को बुलाया गया और उनके मकान में भी जांच की गई कि कहीं ध्रुव सिंह द्वारा नगदी एवं अन्य सामग्री इनके हिस्से में तो नहीं छिपा दी गई है। 1993 में ध्रुव सिंह ने भृत्य के पद से शासकीय सेवा शुरू की थी। 2003 में एलडीसी और 2008 में यूडीसी पर प्रमोशन हो गया।

यहां बता दें 11 महीने पहले ध्रुव सिंह श्योपुर से तबादला होकर यहां आए। जबकि इसके पूर्व लंबी अवधि तक जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में पदस्थ रहे थे। जल्दी- जल्दी प्रमोशन को लेकर ध्रुव सिंह चर्चा में रहे हैं। क्योंकि सामान्य तौर पर कर्मचारियों को इतनी जल्दी प्रमोशन कम ही मिल पाता है।

बरामद संपत्ति का ब्यौरा

-भिंड स्थित घर की छत से नकद जब्त हुए 6.60 लाख
-निजी बैंक खाते में जमा 8.55 लाख
-भिंड में परशुराम छात्रावास के पास मकान 1.25 करोड़
-ग्वालियर के शताब्दीपुरम का मकान 80 लाख
-भिंड में एक प्लॉट 15 लाख
-ग्वालियर में एक प्लाट 20 लाख
-भिंड सराया के पास 1.67 हेक्टेयर जमीन 20 लाख
-सोना-चांदी के जेवर 4 लाख