महिलाओं की पूजा करने वाली संस्क्रति का सच्च : दो महीने की पोती को दादी ने मार डाला

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Sikander Kaymkhani
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देखिये महिलाओं की पूजा करने वाली संस्क्रति का सच्च
दो महीने की पोती को दादी ने मार डाला, फिर खुद की गलती से पकड़ी गई

In Jaipur, 50 year old Grandmother threw her grand daughter in water tank and was later caught by her own mistake

दादी ने अपनी ही पोती को मारकर टैंक में में डाल दिया और फिर अपनी ही गलती से पकड़ी गई.
बेटा पाने के लिए कोई किस हद तक जा सकता है इसका उदाहरण राजस्थान के जयपुर में देखने को मिला है. मुरलीपुरा थाना क्षेत्र में एक दादी ने अपनी दो महीने की पोती दृष्टि की हत्या कर दी. 50 साल की विमला देवी थोड़ी समझदार होती तो बचकर निकल भी सकती थी लेकिन अपने ही बुने जाल में फंस गई. पोती को मारने वाली विमला खुद तीन लड़कियों की मां है.

25 अक्टूबर की दोपहर सासू मां ने अपनी बहू यानि लड़की की मां को चौबारे में सफाई के लिए भेज दिया और खुद नींद का नाटक कर कमरे में सोने चली गई. वहीं उसकी पोती भी सो रही थी. दोपहर के वक़्त जब ज्यादा हलचल नहीं होती तो उसने मौका पाकर तकिए से बच्ची का मुंह दबाने की कोशिश की. जब लगा कि कहीं बच्ची उठ गई तो सारा प्लान चौपट हो जाएगा, तो उसने ऐसा नहीं किया. चूंकि बच्ची को मारने का मन वो पहले ही बना चुकी थी इसलिए पोती को उठाया और बाहर बनी पानी की टंकी में डाल दिया. फिर वापस आकर चुपचाप सो गई.

इसी बच्ची को पानी की टंकी में डाल दिया था दादी ने.
इसी बच्ची को पानी की टंकी में डाल दिया था दादी ने.
बहू जब साफ़-सफाई करके नीचे आई तो देखा कि बेटी अपनी जगह पर नहीं है. कुछ देर इधर-उधर खोजा फिर जब नहीं मिली तो दादी ने हल्ला करके पड़ोसियों को इकठ्ठा कर लिया. उसे लगा कि ऐसा करने से किसी को उस पर शक नहीं होगा. पहले तो उसने सारा इल्जाम अपनी बहू पर डालने की कोशिश की. खुद के गहने छुपा दिए और बहू पर उन्हें चोरी करने का आरोप लगा दिया. लेकिन जब घर की तलाशी ली जा रही थी तो उसमें गहने तो निकल आए मगर बच्ची का कोई पता नहीं लग रहा था.

दादी को लगा कि वो पोती को मारकर खुद बच जाएगी. वह कामयाब हो भी जाती लेकिन उसकी एक छोटी सी भूल ने उसका खेल बिगाड़ दिया. जब बच्ची नहीं मिली तो दादी ने पानी की टंकी में देखने को कहा. जहां उसने खुद ही उसे मरने के लिए छोड़ दिया था. जब टंकी में देखा गया तो उसमें बच्ची की लाश तैर रही थी. उसे बाहर निकाला गया. जब दृष्टि को अस्पताल ले जाया गया तो वहां उसे मरा हुआ घोषित कर दिया गया. इस घटना को 24 घंटे से ज्यादा देर तक छिपाया जाता रहा. घटना का पता उस वक़्त चला जब अस्पताल ने पुलिस को खबर दी. इसके बाद पुलिस ने हर एंगल से इस घटना की जांच की.

पुलिस ने शक के आधार पर दादी को गिरफ्तार किया और फिर पूछताछ करने पर सच्चाई पता की. साथ में वो टैंक जहां बच्ची को डुबाया गया था.
पुलिस ने शक के आधार पर दादी को गिरफ्तार किया और फिर पूछताछ करने पर सच्चाई पता की. साथ में वो टैंक जहां बच्ची को डुबाया गया था.
पुलिस को परिवार के ही किसी मेंबर पर शक था. जब उस टैंक को देखा गया जहां बच्ची डूबी हुई मिली थी तो पाया कि टैंक का ढ़क्कन काफी भारी है. और बच्ची थी केवल दो महीने की, ऐसे में उसने तो इसे नहीं खोला होगा. अब चूंकि दादी ने टंकी खोलकर उसमें देखने को कहा था इसलिए सारा शक उसी पर आ रहा था. पुलिस ने पूछताछ की तो थोड़ी देर तक दादी ने जैसे तैसे कर अपना झूठ छुपाया लेकिन जब पुलिस अपने वाली पर आई तो उसे सब बताना ही पड़ा. दादी को हिरासत में ले लिया गया है.