मुख्यमन्त्री की खिसियाहट

Posted by

Mohd Sharif

*******************
उत्तर प्रदेश का मुख्यमन्त्री 3 लाख दीयों की रोशनी में शायद अयोध्या की जनता को उस कल्पित मन्दिर के दर्शन कराना चाहता है जो केवल मुख्यमन्त्री को ही नज़र आ रहा है।
वही कल्पित मन्दिर जिसके लिए मुख्यमन्त्री ने कहा है कि मन्दिर था मन्दिर है और मन्दिर रहेगा जबकि न कभी मन्दिर था न है और न रहेगा।
हक़ीक़त में पूरा देश जिस बात का गवाह है और सबने अपनी आँखों से वहां पर मस्जिद देखी थी और आज भी वह मस्जिद ही है क्योंकि मस्जिद हमेशा मस्जिद ही रहती है और आयन्दा भी मस्जिद ही रहेगी।
मुख्यमन्त्री तो पूरे प्रदेश का होता है और प्रदेश में रहने वाले हर धर्म के अनुयाईयों के हितों की रक्षा करना उसका धर्म होता है। यदि इस प्रक़र मुख्यमन्त्री धर्म का पालन किया होता तो इस तरह की खिसियाहट में ऐसा बेतुका बयान न दिया जाता।