#मौत के वक़्त औरंगज़ेब_आलमगीर के पास कुल जमा पुंजी 364 रु थी!

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Sikander Kaymkhani‎
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भारत ही नहीं विश्व इतिहास में जब महान बादशाहों का ज़िक्र चर्चा होती है तो उसमे अलाहउद्दीन खिलजी, बाबर, मुहम्मद अकबर और औरंगज़ेब आलमगीर के नाम शामिल होते हैं, विश्व के समस्त इतिहासकार जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर को विश्व का सबसे महान सम्राट मानते हैं|

औरंगजेब के देश पर 56 साल हुकूमत करने के बाद, मौत के वक़्त कुल जमा पुंजी 364रु थी- आज के नेता साल भर में करोडपति हो जाते हैं
नफरतो का दौर चालू है और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए कुछ लोगों द्वारा हर तरह की कोशिश की जा रही है. कभी उनको आतंकवादी बोलकर तो कभी कट्टर कहकर, तो कभी पाकिस्तानी बोलकर तो कभी देशद्रोही पुकारते हैं. लेकिन सच्चाई कभी छुपती नहीं.नफरतो का दौर चालू है और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए कुछ लोगों द्वारा हर तरह की कोशिश की जा रही है. कभी उनको आतंकवादी बोलकर तो कभी कट्टर कहकर, तो कभी पाकिस्तानी बोलकर तो कभी देशद्रोही पुकारते हैं. लेकिन सच्चाई कभी छुपती नहीं.

स्विस बैंक के मुसलमानों का पैसा नहीं है, 5 साल में जिस राजनेता की प्रोपर्टी 300 प्रतिशत बढ़ी वह भी मुस्लिम नहीं है. यहांतक की भारत पर मुसलमानों ने करीब 8 सौ साल हुकूमत की है, पकिस्तान जाते वक्त मुसलमानों ने अपनी जमीन जायदाद यहीं छोकर चले गए.फिरभी भारत के 99.70% मुसलमान पंचर जोड़ते है. लेकिन आजके नेता सिर्फ 5 साल में ही करोडपति बनाते है. और मुसलमानों का राजनीती में प्रतिनिधित्व ना के बराबर है.संघियों द्वारा हमेशा से टारगेट रहे हजरत औरंगजेब की पूंजी के बारे में सोहराब अली अंसारी ने एक खुलासा करते हुए लिखा के, 51 साल तक भारत पर हुक़ूमत की, लेकिन मरने पर ख़ुद की पूँजी के नाम पर क़ुराने पाक लिखकर कमाये हुए 350 रूपये और टोपी बिन कर कमाये गये 14 रूपये 12 आना!
वसीयत में ये लिखा कि टोपी बिन कर कमाये गये पैसे ज़्यादा मेहनत के हैं इसलिये मेरा क़फन दफ़न इसी पैसे से करना.

कोई मकबरा नहीं, कोई संगमरमर की इमारत नहीं, वसीयत किया कि मेरी क़ब्र को हमेशा कच्ची मिट्टी की रखा जाये और कोई छत ना बनाई जाये!आज भी क़ब्र वैसे ही है जैसे एक आम आदमी की क़ब्र होती है. जिस शख्स ने अपनी ज़िंदगी में सैकडों मंदिरों को ज़मीनें दान की, सच्चा इंसाफ़ दिया और पूरे 51 साल मुल्क की गद्दी सम्हालते हुए टोपी बिन कर और क़ुरआन लिख कर पैसे कमाकर ज़िंदगी गुज़ारी कभी हुक़ूमत के खज़ाने से एक रत्ती भर ना लिया, उसे इस मुल्क के इतिहासकारों ने हिन्दू भाईयों का सबसे कट्टर बादशाह साबित कर दिया.