यमुना एक्सप्रेस-वे : 5 सालों में 2.3 करोड़ लोगों ने तोड़े नियम, हादसों में 626 की मौत : देखें वीडियो

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Sagar PaRvez
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साल 2012 में अगस्त महीने में यमुना एक्सप्रेस के दरवाजे आम जनता के लिए खोले गए थे। तब से लेकर 31 दिसंबर 2017 तक एक्सप्रेस-वे पर 2.3 करोड़ वाहन स्पीड लिमिट को तोड़ चुके हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसके विपरित सिर्फ 17,883 लोगों का ही चालान काटा गया है। ये चालान चार जिलों में किए गए हैं, जिनमें आगरा, अलीगढ़, मथुरा और नोएडा शामिल है। इस अवधि के दौरान खराब तरीके से ड्राइविंग करने के लिए सिर्फ 164 ड्राइवरों का चालान किया गया है।

आरटीआई के जवाब में सामने आई जानकारी । आगरा की एनजीओ ने यमुना एक्सप्रेस-वे संबंधित जानकारी के लिए आरटीआई लगाई थी। जिसके जवाब में सामने आया कि स्पीड लिमिट तोड़ने के सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर में सामने आए हैं, जहां 1.07 करोड़ लोग चौड़ी सड़कों को देखकर अपनी गति को काबू नहीं रख पाए। इसके बाद मथुरा (70.1 लाख) और आगरा (53.3 लाख) का नंबर आता है।

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2012 से लेकर दिसंबर 2017 तक 4,848 हादसे हुए हैं जिनमें 626 लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी में सामने आया है कि 196 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर अत्यधिक रफ्तार के खिलाफ सबसे ज्यादा चालान (97 फीसदी) गौतमबुद्ध नगर में ही किए गए हैं।

एनजीओ का कहना है इतने साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कार्यक्रम नहीं बना पाई। उन्होंने कहा यह आंकड़े अथॉरिटी के ढुलमुल रवैये को दर्शा रहे हैं। वहीं अथॉरिटी के अधिकारियों से बातचीत पर उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी आंकड़ें एकत्रित कर पुलिस को सौंप देना, एक्शन लेने की जिम्मेदारी पुलिस की है।

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#वाट्सएप_ग्रुप_पर_रहेगी_पुलिस_की_पैंनी_नजर

वाट्सएप ग्रुप पर भड़काऊ टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई की जायेगी। इसको लेकर राज्य मुख्यालय ने जिला को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मानते हुए एसपी, डीआइजी और जोनल आइजी को विशेष निगरानी रखने व किसी तरह की अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने का निर्देश जारी किया है।

थानेदारों को दिये गये कई निर्देश।।
राज्य मुख्यालय के गाइडलाइन का पालन करते हुए एसपी ने सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि रामनवमी जुलूस व चैती दुर्गा की प्रतिमा विसजर्न के दौरान हाइ अलर्ट रहेंगे। क्षेत्र में गश्ती करते रहेंगे।किसी प्रकार की कोई सूचना मिलते ही तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए कार्रवाई में जुट जायें।

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