यूपी : अधिकारियों के उत्पीड़न से परेशान दलित शिक्षामित्र ने की आत्महत्या

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कन्नौज। यूपी के कन्नौज जिले के नौली गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक ने अपने घर के कमरे में फांसी कर सुसाइड कर लिया। सहायक शिक्षक के पद पर तैनात इस युवक ने आत्महत्या के पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उसे शिक्षा विभाग के तीन अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए चुनाव में गलत तरीके से बीएलओ की ड्यूटी लगाने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद जहां परिवार के उसके भाई ने इन अधिकारियों को अपने भाई के मौत का गुनहगार बताया है। वहीं प्राइमरी विद्यालय के इंचार्ज भी घटना की जानकारी पर मृत के साथी के घर पहुंच कर परिवार को सांत्वना देने के साथ ही एनपीआरसी,बीआरसी और खण्ड शिक्षा अधिकारी को दोषी बता रहे हैं।

दरसअल छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के नौली गांव के रहने वाले पवन कुमार प्राइमरी विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात थे। उनके लिखे सुसाइड नोट में पवन ने अपने दलित होने के कारण शिक्षा विभाग के बीआरसी, एनपीआरसी और खण्ड शिक्षा अधिकारी पर मतदाता पुनरीक्षण में जबरन बीएलओ की ड्यूटी कराये जाने की बात करते हुए पवन जो शिक्षामित्र थे उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद जहां परिवार में लोग सकते में है। वहीं मृतक पवन के भाई ने अपने पवन की मौत का जिम्मेदार शिक्षा विभाग के तीनों अधिकारियों को बताया है।

यही नहीं पवन के पिता ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके बेटे के सुसाइड नौकरी में पैसे के घुस और जबरन चुनाव में बीएलओ की ड्यूटी लगाने के आजिज आ कर की है। यही नही उसने अपने गाड़ी की डिग्गी में इस तीनो के खिलाफ सबूत भी रखा है। जिसके बारे में उसने सुसाइड नोट में लिखा है लेकिन अभी तक छिबरामऊ कोतवाली के सिकंदरपुर के एसआई जो यहां आए है उन्होंने डिग्गी खोल कर नही देखा है।