*ये गज़ब का सुतियापा मुल्लो कठमुल्लों मे ही संभव है*

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Rumana siddiqui bjp
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*जो अपने मुकदमे खुद देश की अदालत मे लड रहे हो वो दूसरो के लिये अदालत खोल रहे है ये गजब का सुतियापा मुल्लो कठमुल्लों मे ही संभव है*

देश मे शरीयत अदालतें क्यों ? क्या देश के मुसलमानों को भारतीय संविधान और भारतीय न्यायालय पर भरोसा नहीं ? फ़िर मुसलमान, बाबरी के लिए न्यायालय में क्यों गये ? आरक्षण के लिए कोर्ट क्यों गये ? आरएसएस मोदी जी के खिलाफ अदालत क्यों गए ? भारत अगर सेक्युलर राष्ट्र है तो शरीयत अदालतें क्यों ? कॉग्रेस का शरीयत अदालतों के लिए समर्थन यानि भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने का समर्थन जैसा है*

“मजहब के नाम पर अलग देश लेने के 70 साल बाद ही मुसलमानों ने शरीयत कोर्ट की माँग कर फिर अपना खेल शुरू कर दिया। क्या इनको भारत में शरीयत कोर्ट होगा ये बताकर रोका गया था.? वक्त आ गया है जब इस तरह के शिगूफे छोड़ने वालों को भारत के खिलाफ षड्यंत्र मानते हुए देशद्रोह में अंदर किया जाए.!”
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“सोचिए आखिर मध्ययुगीन कबीलाई मानसिकता में लिखे शरीयत द्वारा इन शरिया कोर्ट में किस तरह का न्याय होगा.? पुरुष की गवाही 5 महिलाओं के बराबर मानी जाएगी या इमराना जैसी कोई महिला यदि अपने ससुर पर बलात्कार का आरोप लगाएगी, तो अदालत उसे ससुर की पत्नी बना देगी और पति को बेटा बना देगी.?”
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“अभी भारत में मुस्लिम 15% हैं, तो वह अपनी अलग अदालतें बना रहे हैं। 30% पर अपनी अलग IPC धाराएँ बनाएँगे। 50% पर हर जगह सिर्फ शरिया लागू करेंगे। 60% पर भारत को इस्लामिक देश और 75% पर हिन्दुओं का सम्पूर्ण सफाया होगा। यह काल्पनिक नहीं, बल्कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान, कश्मीर इसका उदाहरण है.!”

मैं पीएम मोदी जी से गुजारिश करती हूं शरीयत अदालतों के समर्थन करने वालो भारत की जमी से हटा दिया जाए। हम पहले भारतीय है फिर मुसलमान है। हम पर संविधान और भारत का कर्ज है अब समय आ गया है वो कर्ज चुकाने का। हम उन लोगो को जड़ से उखाड़ देंगे जो भारत मे शरीयत अदालतें शरीयत कानून का पक्ष करेगा समर्थन करेगा। डरो नही हिन्दू भाइयो अभी नरेंद्र मोदी जी, योगी आदित्यनाथ जी, 15 करोड़ संघी जिंदा है आपकी बहन रूमाना जिंदा है।

*रूमाना सिद्दीकी*

नोट : लेख सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, तीसरी जंग का कोई सरोकार नहीं है