#योगी_का_जंगल_राज : कांवड़ यात्रा देखने पर ठाकुरों ने की दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या!

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मेरठ।जिस किसी को भी रामराज देखना हो वह इस समय भारत में ख़ास कर बीजेपी साशित राज्यों में देख सकता है, उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में गुरुवार को दलित और ठाकुरों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। युवक की हत्या के बाद दलित समाज के लोगों में आक्रोश भड़क गया। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे व धारदार हथियार चले। इसमें दर्जनों लोग घायल हो गए। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।


बताया जा रहा है कि मृतक युवक कांस्टेबल योगेंद्र का भतीजा है। योगेंद्र सिंह की शामली में तैनाती है। जानकारी के बाद योगेंद्र सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। युवक की हत्या के बाद योगेंद्र सिंह सिर पीट-पीटकर रोने लगे। उनका कहना है कि मेरे भतीजे का कोई कसूर नहीं था, लेकिन उसे पीट-पीटकर मार डाला। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


गंगानगर थाना क्षेत्र के ऊलदेपुर गांव में बुधवार शाम को कांवड़ यात्रा को देखने को लेकर दलित और ठाकुर समाज के लोगों में संघर्ष हो गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रात में मामले को शांत करा दिया था, लेकिन गुरुवार सुबह फिर से दोनों पक्ष के लोगों में खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि ठाकुर समाज के लोगों ने दलित समाज के लोगों की पिटाई कर दी थी। जिसको लेकर बवाल हो गया।

बता दें कि तनाव को देखते हुए मौके पर करीब 8 थानों की पुलिस फोर्स तैनात है। दलित समाज के लोगों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गांव के मुख्य चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया है। पुलिस ने ठाकुर समाज के तीन युवकों को हिरासत में ले लिया है।

आरएएफ सहित कई अधिकारी मौके पर
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बता दें कि, ऊलदेपुर गांव में ठाकुर और दलित समाज के लोगों के बीच करीब तीन साल से जातीय विवाद चला आ रहा है। दोनों बिरादरी में संघर्ष की घटनाएं अक्सर होती रही हैं। जानकारी के मुताबिक दलित समाज के तीन युवक बुधवार रात कांवड़ देखने मोदीपुरम गए थे। रास्ते में गांव के ठाकुर समाज के युवकों ने उनके साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद देर रात गांव में तनाव फैल गया था, हालांकि कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। सुबह होते ही मामला फिर भड़क गया और दलित समाज के लोग ठाकुरों की बस्ती में पहुंच गए। वहां कृष्ण चौहान के घर के बाहर दोनों बिरादरी के लोगों में जमकर संघर्ष हुआ। करीब 20 मिनट तक लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले।

वहीं घटना में दलित समाज के रोहित पुत्र देवेंद्र के अलावा विनोद, अनुज, रवि आदि लोग भी घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दलित समाज के लोग भड़क गए। उन्होंने जमकर हंगामा करते हुए गांव के मुख्य चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया।

सूचना मिलते ही सीओ दौराला और सीओ सदर देहात आठ थानों की फोर्स और पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम भिजवाने की कोशिश की, लेकिन दलित समाज के लोगों ने ठाकुर समाज के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव उठने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस और दलित समाज के लोगों के बीच जद्दोजहद चल रही है।

उधर, सूचना पर एसडीएम सदर निशा अनंत भी मौके पर पहुंच गयी हैं। वहीं दूसरी ओर सरधना के कसार गांव में भी ठाकुर और दलित समाज के लोगों में गुरुवार को भी तनाव की स्थिति रही। दोनों पक्षों में मारपीट होने पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी सुबह से ही कसार गांव में मौजूद हैं।

Pankhuri Pathak

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@pankhuripathak
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#धर्म_के_नाम_पर_गुंडागर्दी_कब_तक
#कहाँ_है_मीडिया
मेरठ में कांवड़ियों द्वारा महिला को छेड़ने का विरोध करने पर दलित युवक को भीड़ द्वारा पीट पीट कर मार दिया गया ।
कहाँ गया क़ानून ?
कहाँ गया प्रशासन ?
#योगी_का_जंगल_राज
#सब_मारे_जाओगे

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