रमज़ान के पवित्र महीने में अच्छे स्वास्थ्य के लिए कौन से फल सबसे अच्छे हैं, जानिये!

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रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और इस महीने रोज़ा रखने वालों के लिए इफ़्तार एक अहम विषय होता है जिसकी बड़ी श्रद्धा से व्यवस्था की जाती है।

ख़ास बात यह है कि रमज़ान में रखे जाने वाले उपवास के इफ़्तार को रौनक़ देने वाली सबसे महत्वपूर्ण चीज़ फल मानी जाती है, क्योंकि अगर दस्तरख़ान पर फल न हो तो इफ़्तार करने वालों को कमी सी लगती है।

यदि आप रमज़ान के दौरान अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो बाज़ार में उपलब्ध कुछ फल का उपयोग ज़रूर करें, जिसके सेवन से आप पूरे जीवन और विशेषकर रमज़ान में स्वस्थ्य रहेंगे और आपको आश्चर्यचकित करने वाले लाभ होंगे।

तरबूज़
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तरबूज़ ऐसा फल है जिसमें 92 प्रतिशत पानी मौजूद होता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा आहार होता है। गर्मी का मौसम, इंसान के शरीर से पानी को बहुत तेज़ी से कम करता है लेकिन तरबूज़ ऐसा फल है जो उतनी ही तेज़ी से शरीर में कम पड़ने वाले पानी की आपूर्ती करता है। स्वास्थ्य मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि तरबूज़ में ऐसी विशेषताएं पाई जाती हैं जो न केवल गर्मी को कम करने में मदद करती हैं बल्कि मानव शरीर में कम होने वाले नमक को भी सही करती है। तरबूज़ में 46% कैलोरी समेत विटामिन सी और विटामिन ए भी बड़ी मात्रा में पाया जाता है।

ख़रबूज़ा
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ख़रबूज़े में, बीटा कोरोटीन और विटामिन ए पाए जाते हैं। ख़रबूज़ा न केवल आपके सिर में मौजूद कोशिकाओं के विकास को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं, बल्कि त्वचा की ऊपरी परत में चमक भी बढ़ाते हैं। ख़रबूज़े की एक अहम विशेषता यह है कि यह इंसान के शरीर की त्वचा को जल्द ख़राब होने से बचाता है और उसको लंबी उमर देता है।

फाल्सा
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गर्मी के मौसम में फाल्सा बहुत ही आसानी से बज़ार में मिल जाता है। यह फल हीट स्ट्रोक से बचाव में मदद करता है, जबकि पेट और हाज़मे के लिए फाल्सा एक बेहतरीन फल है। यह फल शरीर को ठंडक पहुंचाता है जिसके कारण पानी की कमी दूर होती है।

लीची
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चूंकि लीची में फाइबर होता है, इसलिए इसे पचाना आसान होता है। रमज़ान के दौरान एक बड़ी समस्या क़ब्ज़ की हो सकती है, जिसका कारण आहार में उचित मात्रा में फाइबर का न होना है। लीची शारीरिक वज़न को कम करने के लिए भी लाभदायक है और हाज़मे के सिस्टम को अच्छा करते हुए पाचन शक्ति को मज़बूत करती है।

आड़ू
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जैसा की मशहूर है कि केले में सबसे अधिक पोटेशियम होता है, लेकिन आड़ू में एक मध्य आकार के केले से अधिक पोटेशियम होता है, जो नर्वस सिस्टम को मज़बूत करने के साथ-साथ मांसपेशियों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। आड़ू का छिलका त्वचा के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइबर समृद्ध होता है और जो व्यक्ति अपने बढ़ते वज़न के बारे में चिंतित हैं उनके लिए आड़ू किसी भी आहार में मिठास बढ़ाने के लिए एक स्वस्थ स्रोत है।

अनानास
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यह एक ऐसा फल है जो बाज़ार में बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इस फल को आप किसी भी तरीक़े से इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे ताज़ा, सूखा और जमा हुआ, हर स्थिति में यह फल काफ़ी लाभदायक है। अनानास में (bromelain) सूजन को कम करने वाली शक्ति होती है, जो दिल का दौरा पड़ने और लकवा जैसी घातक बीमारियों के जोखिम को कम करता है। अनानास बांझपन को दूर करने में भी काफ़ी सहायक होता है।

अंगूर
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दुनिया भर के लोगों का लोकप्रिय फल अंगूर, दिल की बीमारियों और हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। अंगूर में एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है, इसके हर दाने में पोटेशियम और लौह जैसे खनिज होते हैं जो रक्त और मांसपेशियों के दर्द के लिए बहुत बेहतर होता है।

आम
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आम तो फलों का राजा है और गर्मी का मौसम बिना आम के सोचा ही नहीं जा सकता है। आम में बहुत बड़ी मात्रा में बीटा कैरोटीन पाई जाती है, जो शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाती है। आम हड्डियों की मज़बूती और उनके विकास के लिए शरीर की रक्षा प्रणाली को मज़बूत करता है। आम में पाया जाने वाला विटामिन आंखों की रोशनी के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसी प्रकार, इसमें विटामिन सी भी शामिल है जिसे त्वचा के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

सेब
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एक मामूली साइज़ के सेब में केवल 80 कैलोरी होती है लेकिन उसी सेब में एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट क्यूट्रेशन इसका भाग होता है जो उन दिमाग़ी बिमारियों को रोकता है जो अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी का कारण बनते हैं। जो लोग सेब खाना पसंद करते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर की संभावना ज़्यादा होती है, जबकि यह फल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के साथ-साथ आंतों के कैंसर से बचाता है। सेब दांतों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा फल है और शरीर के वज़न को भी कम करता है। सेब के छिलके में भी बीमारियों के ख़िलाफ़ लड़ने वाले ऐसे तत्व होते हैं जो दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं।

अनार
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अनार एक ऐसा फल है जिसके रस का भी प्रयोग लाभदायक होता है। इसके रस का इस्तेमाल सप्ताह में 2-3 बार पोटेशियम अधिग्रहण का सबसे अच्छा स्रोत है जो शारीरिक ऊर्जा को स्थिर करता है और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है। विभिन्न शोध रिपोर्टों के मुताबिक़, अनार के रस का एक-चौथा कप रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार करता है, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और अन्य शारीरिक अंगों में फुर्ती लाता है। अनार के रस के दैनिक उपयोग को आदत बनने से पहले डॉक्टर द्वारा सलाह ज़रूर लेनी चाहिए, क्योंकि कभी-कभी दवाओं के साथ इसका उपयोग करने से नुक़सान हो सकता है।

केला
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केला पोटेशियम और फाइबर से भरा है जो लंबे समय तक भौतिक ऊर्जा को बनाए रखता है और आपको पूरे दिन शारीरिक रूप से चौकंना रखता है। इसमें चर्बी या नमक बिल्कुल नहीं होता, इसलिए यह शारीरिक वज़न या किसी अन्य बीमारी के जोखिम में वृद्धि नहीं करता है।

जामुन
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यह ऐसा फल है जो हर देश में नहीं मिलता है, लेकिन भारत में जामुन पाई जाती है।

जामुन ज़रूर खाना चाहिए क्योंकि इसके अंदर एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी बहुत अधिक मात्रा में होता है जो विभिन्न बीमारियों से बचाता है और मानसिक शक्ति भी बढ़ाता है। एक शोध के मुताबिक़, जो लोग इस फल का उपयोग करते हैं वे आंख की बीमारियों से दूर रहते हैं विशेषकर बुढ़ापे में आंखों में पैदा होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

नोटः यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। पाठक इस संबंध में अपने चिकित्सक से परामर्श ज़रूर करें।

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