राजस्थान : दलित दूल्हे को घोड़े से उतारकर ऊँची जाति के लोगों ने पीटा!

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15 अगस्त 1957 को अंग्रेज़ों ने भारत को आज़ादी दे दी थी, अंग्रेज़ तो भारत छोड़ कर यहाँ से चले गए मगर यहाँ की सामाजिक व्यवस्थाएं नहीं बदली, आज भी देशभर में छोटी जाति कहे जाने वाले समाज के लोगों को बड़ी जाति के आक्रोश का शिकार होना पड़ता है, ऊँची जाति के लोग दलितों व अन्य वंचितों को इंसान ही मैंने को तैयार नहीं हैं, ऐसा ही लगता है जब देखने को मिलता है कि दलित समाज पर घोर अत्याचार हो रहे हैं|

राजस्थान में एक दलित शख्स को कथित रूप से पीटने का मामला सामने आया है। गांव के एक समूह द्वारा दूल्हे को घोड़े से उतरने के लिए भी मजबूर किया गया। घटना भीलवाड़ा के गोवर्धनपुरा गांव की है। इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

आपको बता दें कि रविवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद उदित राज ने भी दलितों की स्थिति पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में दलितों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और समाज में फैले भेदभाव के कारण ही धर्म परिवर्तन होता है।

उदित राज ने कहा कि दलितों की पिटाई इसलिए भी की जा रही है क्योंकि उन्होंने मूंछ रख रखी है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उनके पास अब क्या विकल्प बचा है। उन्होंने समाज में तेजी से फैल रहे असंतोष पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा था कि देश की स्थिति भयावह बनी हुई है।

गौरतलब है कि गुजरात के सोमनाथ जिला के ऊना तहसील में करीब 450 दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया था। धर्म परिवर्तन के बाद दलित परिवारों ने कहा था कि हिंदू धर्म में हमें सम्मान नहीं मिला और हिंदुओं ने हमें नहीं अपनाया इसलिए हमने बौद्ध धर्म अपनाया है। इस मौके पर सौराष्ट्र क्षेत्र के हजारों दलितों ने हिस्सा लिया था।