राजस्थान : बीजेपी के लिए सबसे बड़ी परेशानी किसानों और युवाओं की नाराज़गी है

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राजस्थान के चुनावी रण में सियासी बिसात बिछ चुकी है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह राजस्थान में तूफानी दौरा कर बूथ स्तर के कार्यताओं से संपर्क स्थापित कर रहे हैं. तो वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार की उपलब्धियों का तमगा लेकर जनता के बीच जा रही हैं. कांग्रेस भी संकल्प रैली के जरिए अपनी ताकत का एहसास कराने में लगी है.

राजिस्थान के चुनाव में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी परेशानी किसानों की नाराज़गी है, प्रदेश के किसान सरकार से खफा हैं, वहीँ नौकरियां न मिलने की वजह से युवाओं में भारी गुस्सा है|

हाड़ौती क्षेत्र की बात करें तो यह राजस्थान का वो इलाका है, जो हमेशा से भाजपा का गढ़ रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में हाड़ौती के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले की 17 सीटों में से कांग्रेस को महज एक सीट पर संतोष करना पड़ा.

बारां जिले की चार विधानसभा- अंता, किशनगंज, छबड़ा और बारां-अटरू सीट पर बीजेपी का कब्जा है. अंता विधानसभा क्षेत्र संख्या 193 की बात करें तो यह सामान्य सीट है. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 274392 है जिसका 79.06 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण और 20.94 प्रतिशत हिस्सा शहरी है. वहीं कुल आबादी का 20.33 फीसदी अनुसूचित जाति और 16.6 फीसदी अनुसूचित जनजाति हैं.

2017 की वोटर लिस्ट के अनुसार अंता विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 193534 है और 241 पोलिंग बूथ हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में यहां 80.08 फीसदी मतदान हुआ था, वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में 70.30 फीसदी मतदान हुआ था.

2013 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान के मौजूदा कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कांग्रेस विधायक प्रमोद कुमार जैन (भाया) को 3399 वोट से पराजित किया. बीजेपी के प्रभुलाल सैनी को 69960 और कांग्रेस के प्रमोद कुमार जैन (भाया) को 66561 वोट मिले थें.

2008 विधानसभा चुनाव का परिणाम

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रमोद कुमार जैन (भाया) ने बीजेपी के रघुवीर सिंह कौशल को 29668 मतों से शिकस्त दी. कांग्रेस के प्रमोद कुमार जैन (भाया) 56519 और बीजेपी के रघुवीर सिंह कौशल को 26851 वोट मिले थें. वहीं 20168 मतों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार मोहन लाल तीसरे स्थान पर रहें.