राजस्थान : सरकारी स्कूलों में सुनाए जाएंगे संत महात्माओं के प्रवचन

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ये 21 वीं सदी का भारत है, जहाँ शौचालय बनाये जाने के लिए सरकार पैसा दे रही है, प्रेरणा दे रही है, अब से हज़ारों साल पहले भारत में बड़े महान साधु संत हुआ करते थे, तब हवा में उड़ने वाले ‘पुष्पक विमान’ भारत ने बना लिए थे, ऑपरेशन कर शरीर के अंग जोड़ दिए थे, टेस्ट ट्यूब से बच्चे पैदा कर लिए थे, तब भारत विश्व गुरु था जहाँ सभी कुछ था बस ‘शौचालय’ नहीं थे जो आज भी नहीं हैं|

ये 21 वीं सदी का भारत है जहाँ आसाराम, गुरमीत सिंह, बाबा रामपाल, निर्मल बाबा, बाबा भीमानंद, दाती महराज आदि आदि जैसे महान संत मौजूद हैं, कुछ जेल जा पहुंचे हैं कुछ जाने की लाइन में लगे हैं,,,यह महान संतों का ही चमत्कार है जो भारत में आज दूध की नहरें बाह रही हैं, हर ओर शांति है,,,रामराज है,,,तो महान संतों के सम्बद्ध में बच्चों को भी पता होना चाहिए कि इन्होने देश के लिए क्या क्या तप और जप किये थे,,,जेलों में रह कर यातनायें सही थीं|

राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में सहशैक्षिक गतिविधियों के तहत महीने के प्रत्येक तीसरे शनिवार को संत महात्माओं के प्रवचन आयोजित किए जाएंगे. शिक्षा विभाग की ओर से हाल ही में वर्ष 2018—19 के लिए जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार सभी स्कूलों कें प्रत्येक शनिवार को ‘बाल सभा’ आयोजित करने के साथ साथ महीने के प्रत्येक पहले शनिवार को संत महात्माओं के प्रवचन आयोजित किए जाएंगे

प्रत्येक तीसरे शनिवार को राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक समाचारों की समीक्षा एवं किसी महापुरूष अथवा स्थानीय संत महात्माओं के प्रवचन और चौथे शनिवार को एक क्विज का आयोजन होगा. पांचवें शनिवार को नैतिक मूल्यों पर नाटक के साथ साथ राष्ट्रभक्ति गीत गायन का आयोजन किया जाएगा.

कलैंडर के अनुसार बाल सभा से पृथक रूप से सुबह की प्रार्थना सभा के बाद जीरो आवर के दौरान इन गतिविधियों के आयोजन पर विचार किया जा सकता है. माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन की सुनिश्चिता तय करने के लिये सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को वर्ष 2018—19 का शैक्षणिक कलैंडर जारी किया गया है.

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