राजस्थान सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि रकबर की मौत पुलिस हिरासत में हुई है

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Sikander Kaymkhani
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अलवर कांड के पुलिस थाने में जितने भी पुलिसकर्मी थे उन सब की लिस्ट बनाई जाए और बारी-बारी से एक-एक को रकबर की तरह उन्हें भी पहुंचाए जाए किया जाए उनको भी उसी जगह पहुंचाया जाए जहां पर रकबर पहुंच चुका है अगर ऐसा नहीं किया तो फिर कोई रखवाला आएगा फिर रोज ऐसी खबरें आएगी कि आज फिर एक अकबर मारा गया

अलवर कांडः पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा, रकबर के शरीर में निकले आठ फ्रेक्चर

राजस्थान के बहुचर्चित रकबर हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है, राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि रकबर की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बीते रोज़ कहा है कि रकबर की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

राजस्थान के गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस टीम को गायों को गोशाला छोड़ने के बजाय रकबर को अस्पताल ले जाना चाहिए था। वे मंगलवार को अलवर के रामगढ़ स्थित घटना स्थल ललावंडी पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस के आला अफसरों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पुलिस की उच्च स्तरीय जांच समिति ने अपनी जांच में पाया है कि इस मामले में पुलिस टीम की गंभीर गलतियां हैं। उन्होंने बताया कि एसीजेएम राजगढ़ इस मामले की न्यायिक जांच करेंगे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आठ फ्रेक्चर मिले
उधर कथित गौरक्षकों द्वारा मारे गये रकबर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आ गई है, मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रकबर की पसलियां टूटी हुई थीं। उनके शरीर में हाथ सहित आठ जगह फ्रेक्चर पाए गए हैं। मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि रकबर की मौत पिटाई से ही हुई है।

क्या था मामला
अलवर में पहलु खान की हत्या के बाद एक और मामला सामने आया था. यहां रकबर नाम के एक मुस्लिम नौजवान को गौरक्षकों द्वारा पीट पीट कर मौत की नींद सुला दिया गया। पुलिस का भी इस मामले में रवैया गैरजिम्मेदारना रहा है. पुलिस ने सबसे पहले गायों को तो गौशाला भेजा लेकिन गौरक्षकों की पिटाई से घायल रकबर को अस्पताल नहीं पहुंचाया। जिसके कारण रकबर की मौत हो गई।