राष्ट्रपति चुनाव : दलित नेत्री मीरा कुमार होंगी विपक्ष की उम्मीदवार, 22 जून को होगा ऐलान!

राष्ट्रपति चुनाव : दलित नेत्री मीरा कुमार होंगी विपक्ष की उम्मीदवार, 22 जून को होगा ऐलान!

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राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए एनडीए ने अपने उम्मीदवाद के तौर पर बिहार के राज्यपाल और नरेन्द्र मोदी के बेहद करीबी रामनाथ कोविंद के नाम पर मुहर लगाई है। रामनाथ कोविंद के नाम पर अभी तक शिवसेना विचार कर रही है, तो तमाम विपक्षी पार्टियों ने भारतीय जनता पार्टी पर दलित कार्ड खेलने के आरोप लगाए हैं। सीपीएम ने साफ तौर पर केंद्र सरकार पर दलित कार्ड खेलने के आरोप लगाए हैं, तो मायावती ने अपने पत्ते अब तक नहीं खोले हैं। मायावती ने कहा कि अगर विपक्ष किसी पॉपुलर दलित नेता को मैदान में उतारती है, तो उसके समर्थन के बारे में सोचा जा सकता है।

बता दें कि रामनाथ कोविंद के नाम गुजरात 2002 दंगों के समय मोदी के साथ खड़े रहने और उनका बचाव करने वालों में सबसे अहम् था|

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि कांग्रेस और यूपीए लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष और दलित नेता मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार सकता है।

रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भारत देश में और भी बड़े दलित नेता हैं। रानमाथ कोविंद को बीजेपी ने सिर्फ इसलिए राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है, क्योंकि वो बीजेपी दलित मोर्चे के नेता रहे हैं।

There are other big Dalit leaders in India. He( #RamNathKovind) was leader of Dalit Morcha of BJP, so they have made him candidate: WB CM
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दलों के नेता 22 जून को मुलाकात करेंगे और फिर अपने फैसले के बारे में जानकारी देंगे।

Opposition will meet on 22nd June, only then we can announce our decision: Mamata Banerjee #presidentialelection2017 #RamNathKovind
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा कि वो दलित हैं, इसलिए हम उसने नाम पर सकारात्मक हैं। पर अगर विपक्ष किसी पॉपुलर दलित नेता के नाम की घोषणा करती है, तो हम उसका समर्थन करेंगे।

As he is a Dalit we are positive on his name, but only if oppn doesn’t announce a popular dalit name: Mayawati #RamNathKovind pic.twitter.com/QeRlVEz2FF
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

मायावती ने ये भी कहा कि अगर एनडीए किसी गैर-राजनीतिक दलित व्यक्ति को उम्मीदवार बनाती, तो ज्यादा बेहतर होता।

We are also of the opinion that it would have been better if NDA had named some non political Dalit person as President nominee:Mayawati
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर खुशी हो रही है, पर उम्मीदवारी के समर्थन के विषय पर कुछ भी बोलना जल्दबाजी होगी।

Matter of happiness for me personally. As far as support is concerned, can’t say anything right now. it is too early to say: Nitish Kumar. pic.twitter.com/EmccQ2krPl
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

नीतीश कुमार ने कहा कि रामनाथ कोविंद ने बिहार का राज्यपाल रहते हुए बेहतरीन काम किया है। उन्होंने राज्य सरकार के साथ अच्छा संबंध बनाए रखा।

He has done exemplary work (as Guv of Bihar), worked with impartiality, maintained an ideal relationship with the state govt: Nitish Kumar pic.twitter.com/NBVKLp1BLo
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

इस मुद्दे पर जनता दल (युनाईटेड) के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि विपक्षी दलों के बैठक में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर विचार किया जाएगा। साथ ही बैठक में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के नाम पर भी चर्चा होगी।

Opposition ki baithak hogi,usme naam pe vichaar karenge,NDA ne naam announce kiya hai uspe bhi baat karenge: Sharad Yadav,JDU #RamnathKovind pic.twitter.com/NK6EdIpqut
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी पर केंद्र सरकारके साथ ही आरएसएस और बीजेपी को भी आड़े हाथों लिया है। सीताराम येचुरी ने रामनाथ कोविंद की राष्ट्रपति की उम्मीदवारी पर कहा कि वो आरएसएस के दलित शाखा के प्रमुख रह चुके हैं। ऐसे में बीजेपी का ये कदम साफतौर पर राजनीतिक ही है। उन्होंने तो इसे राजनीतिक टकराव तक करार दिया।

#RamNathKovind ji RSS ke Dalit sakha ke pramukh thay, wo ek rajneeti hua na. Ye seedhi seedhi rajneetik takrao hai: Sitaram Yechury, CPI(M) pic.twitter.com/UNccsWOUrV
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

सीताराम येचुरी ने कहा कि 22 जून को विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी। वैसे भी देश के इतिहास में सिर्फ 1 बार ही निर्विरोधित तौर पर राष्ट्रपति का चुनाव हुआ है।

Opp parties are meeting on 22nd. Only once in history of independent India has the president of India been elected uncontested: S Yechury pic.twitter.com/Cx1TlbIB62
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

विपक्षी दलों में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने कहा है कि अभी तक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर निर्णय नहीं लिया गया है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वो अभी इस मामले पर कोई कमेंट नहीं करेंगे।

We are not going to comment on this decision yet, nothing to say: Ghulam Nabi Azad,Congress #RamNathKovind pic.twitter.com/61eZedb9ju
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार ने निर्णय करने के बाद सिर्फ नाम बताया। उसमें आम सहमति की गुंजाइश की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं?

आजाद ने कहा कि बीजेपी की तरफ से केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायुडू जब बात करने आए थे, हमें उम्मीद थी कि अपने साथ वो कुछ नाम लाए होंगे, जिनपर चर्चा होगी। पर वैंकेया बिना किसी नाम के ही हमसे बातचीत करने आ गए। उन्होंने कहा था कि जब हम कुछ नामों पर निर्णय लेंगे, तो आपको बताएंगे। घोषणा से पहले हम आम सहमति बनाने के लिए कुछ नामों पर चर्चा करेंगे। पर सरकार की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। सरकार ने तो सिर्फ अपना निर्णय सुनाया है। ऐसे में आम सहमति की बात करना बेमानी होगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल 22 जून को बैठक करेंगे, जिसके बाद आखिरी फैसला लिया जाएगा।