राष्ट्रवाद बहुसंखयकों को दंगाई, आतंकवादी बनता है : ‘माँ भारती’ नाम का कोई देश दुनियां के नक़्शे में नहीं है

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परवेज़ ख़ान

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हमारे तरीक़ों से ज़यादा तेज़ टेक्नोलॉजी निकली और संघ परिवार/सत्ता ने उस टेक्नोलॉजी को चलाना सीख लिया,,,हम देखते रह गये,,JIO के विज्ञापन में ”मोदी”,,,JIO की यूनिवर्सिटी बिना बने दस बेहतरीन यूनिवर्सिटियों में शामिल 1000 तोहफ़े में,,,रफ़ेल का ठेका रिलाइंस को,,,न खाऊँगा, न खाने दुंगा,,,देश मनमानी और अम्बानी से चल रहा है

– अभी कुछ देर पहले ‘भगवान राम विद हनूमान’ मेरे सपने में आये और बोले ‘वसीम रिज़वी’ और उसका नीच ‘चोकीदार’ चोर हैं,,,,

भगवान् राम वसीम रिज़वी के सपने आते हैं, रोते हुए कहते हैं, राम मंदिर न बनने से दुखी हूँ, हो सकता है क्यों नहीं आ सकते हैं और यह भी मुमकिन है कि कुछ दिन बाद साक्षात् प्रकट ही होजायें, मामला अपनी अपनी आस्था का है, वसीम रिज़वी से पहले स्वामी रामचंद्र परमहंस हुआ करते थे, स्वामी जी ने राम मंदिर न बनने के कारण अपने प्राण त्यागने की घोषणा कर दी थी, दिन चुना था जुमे का, समय दो बजे, तमाम मीडिया, सुरक्षा बल जमा हो गए,,,स्वामी किसी भी तरह से अपना प्रण तोडना/छोड़ना नहीं चाहते थे,,,,दो बज चुके थे,,,स्वामी कुटिया से बाहर प्रकट होते हैं, कहते हैं,,,”प्रभु श्री राम अभी स्वपन में आये और बोले परमहंस तू आत्महत्या करने के लिए पैदा नहीं हुआ है,,,,तुझे तो राम मंदिर बनाना है,,,बाद में स्वामी जी के प्राण ‘यमराज’ ने निकाले,,,वसीम रिज़वी हो सकता है भांग, अफीम जैसे किसी पदार्थ का सेवन भी करते हों,,,अगर वह नशा करते हैं तो कोई बुरी बात नहीं हैं, भांग तो भोले का प्रसाद है,,,भक्त और नेता लोग ज़यादा ”काम” करते हैं इसलिए करने लगते हैं,,,,

पाकिस्तान, ISI चाहता है भारत में संघ परिवार/मोदी की सरकार की सरकार ज़यादा से ज़यादा समय तक रहे, पाकिस्तान भारत का विभाजन चाहता है और यह काम संघ परिवार/मोदी की सरकार रहते जल्द हो जायेगा,,,संघ परिवार को अपना अलग देश ‘हिन्दू राष्ट्र’ ‘माँ भारती’ चाहिये,,
मेरा देश ‘भारत’ है,,,संघ परिवार का अलग देश ‘हिन्दू राष्ट्र’ ”माँ भारती” है,,,”माँ भारती’ नाम का कोई देश दुनियां के नक़्शे में नहीं है
बस इतना समझलें जब भी कोई ‘राष्ट्रवाद’ की बात करे समझलें यह ‘दंगाई’ ‘अलगावादी’ है
‘राष्ट्रवाद’ की विचारधारा ‘आतंकवाद’ की पोषक है, जहाँ भी यह विचार पनपा है, उसके मानने वाले आतंकवादी बन जाते हैं

लोग निराशा में हैं, पत्रिकारिता प्रॉफिट बेस कारोबार बन गया है, इस समय भारत ही नहीं दुनियां के अनेक देशों में सत्ता/नेता कट्टरवाद को बढ़ाव दे रहे हैं, एक से बड़ा एक खतरनाक भाषण, बयान देते हैं,,,कट्टर सोच के विस्तार के साथ साथ देशों के ग्रुप बन गए हैं, देशों के यह ग्रुप साझा नीति, कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं, इस कट्टर सोच, मानसिकता, विचारधारा को अपना वर्चस्व कायम करना/रखना है,,,राष्ट्रवाद से कट्टर विचारों का जन्म होता है, कट्टरपंथी विचार रखने वाले अपने खिलाफ ‘विचार’ को जड़ से ख़त्म कर अपना ‘विचार/तंत्र’ लागू करने के लिए हिंसा का रास्ता अपनाते हैं,,,कलबुर्गी, गौरी लंकेश, नजीब, अख़लाक़, अफ़राज़ुल, रक़बार ख़ान,,,नौशाद, मुस्तकीम,,,कोई भी हो,,जैसे भी हो उसे रास्ते से हटा दिया जाता है,,,तंत्र में कट्टरपंथी विचार का फैल जाना, स्थापित हो जाना,,,बहुत खतरनाक स्थिति पैदा करता है,,,दुनियां में बना कट्टरपंथी विचारों, कार्यक्रमों वाले ‘देशों का ग्रुप’ मनमानी अपने ‘मन की बात’ करता है, अपने मन की करता है, वह मरने वालों से हमदर्दी नहीं रखता है, वह मारने वालों के पक्ष खड़ा होता है,,,वह आतंकवाद पैदा करता है और आतंकवाद की आढ़ में ‘पूरी पूरी’ क़ौमों का सफाया करता है,,,

वसीम रिज़वी का ख़ाब डरावना है, भगवान् राम का रोना अशुभ है,,,ख़ाब हमेशा ख़याल नहीं होते,,,लोग नशे में अक्सर सच बोलते हैं,,,रिज़वी मोहरा है, उसी कट्टर विचार, कार्यक्रम का जो अशांति चाहता है, जो लोगों की हत्या कर फिल्म बनता है और दिखता है,,,ISIS अकेला आतंक का चेहरा नहीं है और बहुत हैं,,,भारत में भी हैं, कुछ की पहुंचान उजागर हो चुकी है कुछ की नहीं जा सकती,,,सरकारी तंत्र में कट्टर विचार,,आतंकवाद खुद करता है,,,लोगों को मारता है, जेलों में सड़ाता है, और क़ौम की पहचान बिगाड़ देता है,,,यह कट्टरपंथी ‘देशों का ग्रुप’ है,,,वसीम रिज़वी मात्रा एक इकाई है,,,यह जटिल प्रक्रिया है,,,मारा गया है अख़लाक़, आप बात किसी और पर करते हैं, राष्ट्रवाद बहुसंखयकों को दंगाई, आतंकवादी बनता है,,,