लेबनान संसदीय चुनाव परिणाम : 128 में से हिज़्बुल्लाह गठबंधन ने 67 सीटें जीतीं

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लेबनान के गृह मंत्री ने देश में आयोजित होने वाले हालिया संसदीय चुनावों के परिमाणों की घोषणा कर दी है।

लेबनान के गृह मंत्री नोहाद मनशूक़ के मुताबिक़, हिज़्बुल्लाह गठबंधन ने कुल 128 संसदीय सीटों में से 67 सीटें जीतकर संसद में बहुमत प्राप्त कर लिया है।

लेबनानी गृह मंत्रालय द्वारा घोषित परिणामों के मुताबिक़, हिज़्बुल्लाह और अमल आंदोलन ने 29, राष्ट्रपति मीशल औन की पार्टी शक्तिशाली लेबनान ने 29, प्रधान मंत्री साद हरीरी की पार्टी अलमुस्तक़बल ने 20, लेबनानी बलों ने 14, सोशलिस्ट पार्टी ने 9 और अन्य पार्टियों ने 27 सीटें जीती हैं।

6 मई को होने वाले संसदीय चुनाव में क़रीब 50 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

इससे पहले लेबनान में संसदीय चुनावों का आयोजन 9 साल पहले 2009 में हुआ था।

लेबनान के प्रधान मंत्री साद अल-हरीरी ने सोमवार शाम बेरूत में एक न्यूज़ कांफ़्रेंस करके संसदीय चुनावों में अपनी पार्टी की हार स्वीकार कर ली।

हरीरी का कहना था कि संसदीय चुनाव के परिणाम हमारी उम्मीद के मुताबिक़ नहीं रहे और हमारे सामने कई चुनौतियां हैं।
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नसरुल्लाह, लेबनान में हिज़्बुल्लाह की लोकप्रियता ने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए हैं
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हिज़्बुल्लाह प्रमुख सैय्यद हसन नसरुल्लाह ने लेबनान के संसदीय चुनावों को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि क़रार दिया है।

लेबनान में 6 मई को आयोजित हुए संसदीय चुनावों के परिणाम सोमवार को घोषित हो गए, जिसके बाद नसरुल्लाह ने अपने भाषण में कहा, एक दिन में चुनावों का आयोजन, देश, सेना और सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी और इससे साबित हो गया कि कुछ नेताओं के बयानों के विपरीत, देश में पूर्ण रूप से शांति व स्थिरता क़ायम है।

लेबनान के प्रतिरोधी आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव का कहना था कि प्रतिरोध पर काफ़ी हमले हुए, लेकिन चुनाव में लोगों ने भाग लेकर अपना फ़ैसला सुना दिया। यह परिणाम उन लोगों के लिए सही जवाब है, जो दावा कर रहे थे कि लोगों के बीच प्रतिरोधी आंदोलन की अब पहले जैसी लोकप्रियता नहीं रही।

ग़ौरतलब है कि लेबनान के गृह मंत्रालय की घोषणा के मुताबिक़, कुल 128 सीटों में से हिज़्बुल्लाह गठबंधन ने 67 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की है।

नसरुल्लाह का कहना था कि चुनाव अब समाप्त हो चुके हैं, देश में इसी तरह शांति बनी रहनी चाहिए, क्योंकि अभी हमारे सामने दो महत्वपूर्ण विषय हैं, एक सरकार का गठन और दूसरे राष्ट्रपति का चुनाव।