वाराणसी : नेहरू की मूर्ति हटाने के बाद राजीव गांधी की मूर्ति को पहुंचाया नुक़सान

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वाराणसी।उत्तर प्रदेश में मूर्ति तोड़ने की घटना एकबार फिर शुरू हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शहर के बीचों बीच स्थित मैदागिन चौक पर लगी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा का शिलापट्ट तोड़ दिया गया. इस घटना के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया. जानकारी के मुताबिक, तोड़े गए शिलापट्ट पर उन लोगों के नाम लिखे गए थे जिनकी मदद से यहां पर मूर्ति की स्थापना हुई थी. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों के भी नाम लिखे गए थे.

इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘PM के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में स्वर्गीय राजीव गांधी की मूर्ति के शिलापट्ट को तोड़ा गया. इलाहाबाद में पंडित नेहरु की मूर्ति को क्रेन से लटका कर उसे हटाया गया. इतिहास याद रखेगा भाजपाईयों का ये अहंकार. इन तस्वीरों को हम नहीं भूलेंगे- ये हमारी वेदना भी है और यही हमारी प्रेरणा भी.’ हालांकि, प्रशासन को जब मूर्ति के शिलापट्ट तोड़ने की खबर मिली तो आनन फानन में प्रशासन मौके पर पहुंची. नगर आयुक्त ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.


कुंभ की तैयारियों के लिए पार्क से हटाई गई नेहरू की मूर्ति.

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने 1994 में नगर निगम से अनुमति लेकर अपने पैसे से यहां पर राजीव गांधी की मूर्ति की स्थापना की थी. नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम से इसको लेकर किसी तरह की अनुमति नहीं दी गई है. यह काम असामाजिक तत्वों दवारा किया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी तरह की अनुमित नगर निगम की तरफ से दी गई होगी तो किन परिस्थितियों में यह अनुमति दी गई है.

नगर निगम के आदेश पर शिलापट्ट जोड़ने का काम शुरू.

ताजा जानकारी के मुताबिक, शिलापट्ट निर्मा का काम फिर से किया जा रहा है.