वाराणसी : सभासद पुत्र व उसके मित्र का अपहरण, 50 लाख की फिरौती मांगी

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वाराणसी।नगर पालिका पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर के वार्ड संख्या चतुर्भुपुर के सभासद रीना देवी के पुत्र व उसके मित्र के अपहरण कर 50 लाख रुपये फिरौती मांगे जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को सभासद पति ने पीडीडीयू नगर कोतवाली पहुंचकर कर घटना के बाबत तहरीर दी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई।

सभासद रीना देवी के पति वीरू रावत के अनुसार मंगलवार की रात करीब आठ उसके पुत्र राहुल (17) का मित्र सत्यपाल उसके घर आया। इसके बाद दोनों एक साथ स्कूटी से कहीं चले गए। रात में करीब बारह बजे तक जब राहुल घर नहीं लौटा तो चिंता होने लगी।

अभी उसकी खोजबीन का प्रयास कर रही रहे थे कि करीब साढ़े बारह बजे वीरू के मोबाइल पर राहुल के मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन पर उसे एक युवक ने बताया कि राहुल की स्कूटी व चप्पल बाईपास स्थित मंदिर के पास पड़ी है जाकर उसे ले लो और राहुल के एवज में पचास लाख रुपये चाहिए।

फोन आने के बाद घबराए वीरू ने इसकी सूचना पीडीडीयू नगर पुलिस को दी। इसके बाद कोतवाल शिवानंद मिश्रा फोर्स के साथ मौके पहुंचे। पुलिस की पड़ताल के बाद वीरू अपने पुत्र राहुल की स्कूटी और चप्पल लेकर घर चला आया।

बुधवार की सुबह कोतवाली पहुंचकर घटना के बाबत कोतवाली में तहरीर दी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं राहुल व उसके मित्र के अपहरण के मामले को पुलिस संदिग्ध मान रही है।

पुलिस अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि घटना से पूर्व राहुल का मित्र सत्यपाल गुप्ता एटीएम से पांच सौ रुपये निकालता है। इसके बाद दोनों रेमा जाते हैं जहां उनके साथ एक लड़की भी होती है। सभी लोग स्कूटी वहीं खड़ी करके एक काली रंग की स्कार्पियों से कहीं निकल जाते है।

सभासद के पुत्र के अपहरण के मामले में परिजनों ने बताया कि राहुल के मोबाइल पर कई दिनों एक कॉल आ रही थी। फोन से उसे गालियां दी जाती थी। इस बात का एक बार जिक्र उसने घर में किया था। लेकिन लड़कों के बीच में होने वाले मामूली से आपसी विवाद का मामला समझकर परिवार वालों ने इसे नजरअंदाज कर दिया था।

पिछले तीन माह में जिले में रंगदारी, हत्या, चोरी और फिरौती व अन्य अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। पुलिस भले ही मामलों का खुलासा कर अपनी पीठ थपथपा लें लेकिन एक के बाद एक हो रही आपराधिक वारदातों से लोगों में भय व्याप्त है।

वार्ड संख्या एक की सभासद रीना देवी के पुत्र राहुल व उसके मित्र के अपहरण कर फिरौती मांगे जाने की वारदात से पीडीडीयू नगर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिया है।

बता दें कि 15 अप्रैल को इंडस्ट्रीयल एरिया फेज दो स्थित ट्रांसपोर्टर के कार्यालय पर फायरिंग कर बाबर गैंग के गुर्गों ने रंगदारी मांगी थी। इसके बाद दूसरी बड़ी वारदात 19 मई को पीडीडीयू नगर के मालगोदाम में घटी। जहां रंगदारी के लिए बदमाशों ने प्राइवेट कंपनी टुआमैन के टेक्निकल हेड की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इसके बाद 23 मई को मुख्यालय से सटे जसूरी गांव में चोरों ने एक साथ चार घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद 27 मई की रात अलीनगर थाना क्षेत्र के लौंदा पुलिस चौकी प्रभारी संतोष कुमार को जांच के दौरान बदमाशों ने गोली मार दी थी।

इसके बाद पीडीडीयू नगर कोतवाली क्षेत्र में कोल व्यवसाई और कबाड़ी से रंगदारी मांगी गई थी । हालांकि ज्यादातर घटनाओं में शामिल बदमाशों को पुलिस पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।