विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इंतेफ़ाज़ा आंदोलन तेज़ होता जा रहा है, ज़ायोनी में चिंता!

विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इंतेफ़ाज़ा आंदोलन तेज़ होता जा रहा है, ज़ायोनी में चिंता!

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विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इंतेफ़ाज़ा आंदोलन में तेज़ी

विश्व क़ुद्स दिवस के निकट होते ही फ़िलिस्तीनियों का इन्तेफ़ाज़ा आंदोलन अधिक तेज़ होता जा रहा है जिससे ज़ायोनी शासन में चिंता पैदा हो गयी है।

ज़ायोनी अधिकारी फ़िलिस्तीनी जनता के विरोध को दबाने के लिए हालिया दिनों में दमनकारी कार्यवाहियों के बावजूद अपने इस लक्ष्य में नाकाम रहे हैं और उन्हें क़ुद्स इन्तेफ़ाज़ा के और तेज़ होने पर यक़ीन नहीं हो रहा है।

इस बीच विश्व क़ुद्स दिवस जैसे आयोजन से फ़िलिस्तीनियों को अतिग्रहित फ़िलिस्तीन को अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन से आज़ाद कराने के लिए संघर्ष को जारी रखने में साहस मिलता है। फ़िलिस्तीन संकट को पूरी तरह भुलाने के लिए व्यापक स्तर पर साज़िशें जारी हैं और क़ुद्स पर ज़ायोनी शासन के पूरी तरह वर्चस्व के लिए अमरीका की साज़िश भी बहुत ख़तरनाक रूप अख़्तियार कर गयी है। ऐसे हालात में फ़िलिस्तीनियों को अपने संघर्ष को विश्व समुदाय से अधिक समर्थन की अपेक्षा है।

हालिया वर्षों में अरब शासकों ने सिर्फ़ दावे की हद तक फ़िलिस्तीनियों का समर्थन करने की बात कही लेकिन अमली तौर पर उन्होंने कुछ नहीं किया। ऐसे हालात में फ़िलिस्तीनी कॉज़ ख़ास तौर पर क़ुद्स का भविष्य ख़तरे में पड़ गया है। ऐसी स्थिति में फ़िलिस्तीनी जनता ने ज़ायोनी शासन और उसके मुख्य समर्थक अमरीका की साज़िशों से निपटने के लिए इन्तेफ़ाज़ा का रास्ता अपनाया है।

ईरान की इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह ने अगस्त 1979 में पवित्र रमज़ान के अंतिम जुमे को विश्व क़ुद्स दिवस घोषित करके फ़िलिस्तीनी कॉज़ के लिए बहुत बड़ा क़दम उठाया। उस समय से अब तक फ़िलिस्तीन के विषय का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन बढ़ा है।

रिपोर्टें व समीक्षाएं दर्शाती हैं कि इस साल विश्व क़ुद्स दिवस पूरी दुनिया में और अधिक शान से आयोजित होगा।