विश्व व्यापार में ट्रम्प का रवैया समान बताया है

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अरबी भाषा के मशहूर अख़बार रायुल यौम ने अपने एक लेख में विश्व व्यापार के संबंध में ट्रम्प की नीतियों को डकैती समान बताया है।

अमरीका के राष्ट्रपति अपने देश को आयात होने वाली वस्तुओं पर नए नए कर और टैरिफ़ लगा कर वैश्विक आर्थिक डकैती की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं और उन्होंने संसार को व्यापारिक युद्ध के मुहाने पर पहुंचा दिया है। ट्रम्प की इस प्रकार की ख़तरनाक नीतियों पर एक चीनी पत्रकार ने बहुत सटीक टिप्पणी की है और चीन से अमरीका आयात होने वाली वस्तुओं पर 34 अरब डाॅलर का कर बढ़ाने की घोषणा को बीजिंग के आर्थिक इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक जंग बताया है। बीजिंग, अमरीका को ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहता है लेकिन इस बात का भी डर है कि अमरीका के राष्ट्रपति इस युद्ध और बढ़ा दें और चीनी वस्तुओं पर लगाए जाने वाले कर की सीमा 450 अरब डाॅलर तक बढ़ा दें।

अमरीका की यह लड़ाई केवल चीन तक ही सीमित नहीं है बल्कि यूरोप, कनाडा, मैक्सिको और दक्षिणी अमरीका में वाॅशिंग्टन के घटक भी ट्रम्प की इस नीति की चपेट में आएंगे और पांचों महाद्वीपों में आर्थिक मंदी आएगी और उथल-पुथल मच जाएगी।

संसार इस समय विश्व के आर्थिक संचालन में व्यापारिक डकैती की सोच के साथ अमरीका की तानाशाही देख रही है और इस डकैत गुट से मुक़ाबले के लिए संसार को हरकत में आने और इसकी नीतियों पर लगाम लगाने की ज़रूरत है। ट्रम्प एक अरने भैंसे की तरह इधर उधर सींग मारे रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और उसके नियमों को तबाह करते जा रहे हैं। अमरीकी राष्ट्रपति अपने फ़ैसलों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक क़ानूनों का विरोधी बताने वालों से कहते हैं कि उन्हें इन क़ानूनों पर भरोसा नहीं है और वे जल्द ही इनसे पल्ला छुड़ा लेंगे जैसा कि वे अमरीका को यूनेस्को, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समिति और ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से बाहर निकाल चुके हैं।

अगर अमरीकियों ने ट्रम्प को किनारे करने के बारे में नहीं सोचा तो “अमेरिका फ़र्स्ट” का ट्रम्प और उनके साथियों का नारा इस देश के लिए सकारात्मक परिणाम नहीं लाने वाला है। (HN)

सभारः रायुल यौम