वो कारण जिसकी वजह से बलग़म ज़्यादा बनाता है, रोकने के उपाय

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हर किसी के शरीर में बलगम होता है, और अध्ययन के अनुसार, यह हमारे शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बाहरी कणों के लिए चिपचिपी बाधा बनाकर उसको शरीर में घुसने से रोकता है और इसमें एंजाइम और प्रोटीन होते हैं जो आपको बीमार होने वाली हवा से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। लेकिन कभी-कभी खांसी के साथ, हमको पीले या हरे बलगम देखने को मिल सकते है या जब यह हमारे शरीर में बहुत अधिक उत्पादन होता है तो यह एक समस्या का संकेत हो सकता है।

हैल्थ एंड शोप्पे आपको बता रहा है बलगम के संकेत और इसके इलाज के तरीके

क्यों हमारा शरीर बहुत अधिक बलगम पैदा करने लगता है

हमारे शरीर हर समय बलगम पैदा करता हैं और यदि आपको तकलीफ महसूस होना शुरू हो जाये , तो हो सकता है कि बलगम की स्थिरता में फर्क आरहा है। यह मोटा और चिपचिपा हो सकता है और आप पर बड़े पैमाने पर प्रभाव डालना शुरू कर सकता हैं। अलेर्जी , धूम्रपान और पाचनतंत्र सम्बन्धी गड़बड़िया इसका कारण हो सकती है

लेकिन एक और गंभीर कारण भी हो सकता है। बलगम फेफड़ों के native immune function का हिस्सा है, लेकिन आपको इसका ध्यान देना चाहिए क्योंकि लम्बे समय तक ज़्यादा बलगम बने रहना एक अतिसंवेदनशील और पुरानी खांसी क्रोनिक ब्रोंकाइटिस का लक्षण हैं।

अत्यधिक बलगम के लक्षण
पहली नज़र में, यह समस्या हानिरहित लग सकती है, लेकिन जब आपके साइनस ब्लॉक्ड होते हैं, तो इससे बहुत असुविधा होती है। यदि आपको ज़्यादा बलगम बन रहा है तो आपको कैसे मालूम चलेगा? उसके लिए कुछ संकेत और लक्षण यह हैं।

– बहती नाक
– गले में खराश
– खांसी
– साइनस का सिरदर्द
– नाक बंद
– छींक आना

अत्यधिक बलगम से छुटकारा पाने के उपाय और तरीके
आप अपनी आदतों के माध्यम से और अपनी जीवन शैली में बदलाव करके, खाने वाले खाद्य पदार्थों के माध्यम से स्वयं की सहायता कर सकते हैं। ये उपचार न केवल समस्या को कम करने के लिए उपयुक्त हैं, बल्कि सामान्य रूप से स्वस्थ रहने में आपकी सहायता के लिए भी अच्छे हैं:

1. भारी मात्रा तरल पदार्थ पीएं।
जितना अधिक आप पीते हैं, उतना ही आपका बलगम पतला रहता है। एलर्जी वाले लोगों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। पहला नियम हाइड्रेटेड रहने के लिए है। अधिक पानी पीएं, लेकिन रस या नींबू पानी नहीं। सिर्फ पानी। पानी को उबाल कर रख ले और कुछ कुछ देर में सिप सिप करके पीये। बहुत ज़्यादा भी नहीं पिए

2. हवा की नमी बनाये रखें।
सूखी हवा नाक को परेशान करती है । क्या आपने देखा है कि अगर हवा ठीक से नम नहीं है तो एलर्जी वाले लोग अधिक छींकना शुरू कर देते हैं? एक humidifier खरीद कर उसे हर रात इस्तेमाल करे। आप अच्छी सुगंध या बेहतर परिणामों के लिए humidifier को कुछ एसेंशियल ऑयल्स भी मिला सकते हैं।

3. नमक के पानी के साथ गरारे।
यह आपके गले में मदद करेगा और कम परेशान करेगा। बस एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच नमक डालें और दिन में कई बार इसे रिपीट करे ।

4. नाक साफ़ करते रहे
अपनी नाक साफ़ करते रहे बजाये उसको निगलने के । इसे धीरे-धीरे ही करें । इस प्रक्रिया को करके, आप बेहतर मुख स्वच्छता के साथ , दंत समस्याओं को रोक सकते हैं।

5. नीलगिरी का प्रयोग करें।
आप अपनी छाती पर नीलगिरी का तेल यानी यूकिलिप्टस आयल लगा सकते है या नीलगिरी के साथ गर्म स्नान कर सकते हैं। इसमें जीवाणुरोधी गुण होते हैं, सर्दी और श्वसन समस्याओं के मामले में मदद करता है, दंत चिकित्सा देखभाल के रूप में भी कार्य करता है, और कीट प्रतिरोधी के रूप में भी कार्य कर सकता है।

6. अच्छी डाइट का पालन करें।
अच्छी आहार का मतलब है 12 बजे से पहले नाश्ता ले उसमे केवल फल ही ले। 12 से 8 के बीच अपने खाने के 80 फीसद प्लेट में सिर्फ हरी सब्जिया हो। खाने के तेल के रूप में देसी घी या सरसो का तेल ले। कुछ दिन के लिए दूध उत्पाद और मासाहार छोड़ दे

7. बेकिंग सोडा और शहद के साथ एक पेय बना सकते है
फ्लू और फेफड़ों में बलगम के लिए यह अच्छा नुस्खा है। आपको 1 चम्मच शहद, 1/2 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा, नींबू के रस की 2-3 बूंदें, और गर्म पानी का गिलास चाहिए। बेकिंग सोडा को गर्म पानी में मिलाने के बाद सभी अवयवों को मिलाएं। अब आप पेय पी सकते हैं