व्यंग तरंग : कसम से आज पहली अप्रैल है, वही दिनों की फिर दरकार है कसम से,,,,

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Jeffrey Partap
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आज का दिन बड़ा कमाल है
कसम से आज पहली अप्रैल है
रखी गयी थी नींव कल
चन्द देश पतन सूत्रिया कार्यकर्मो की
चार साल पहले बोली लगी धर्मो की
उसकी आज दंगो रूपी फसल तैयार है
कसम से आज पहली अप्रैल है
नोटबन्दी की बात पुराणी
जी एस टी की मार सुहानी
मिडिया था चौथा स्तम्भ
अब तो लकवा मार गया
मोदी मोदी गा कर हुआ मालामाल है
कसम से आज,,,,,
जितना झूठा उतना श्रेष्ठ
बीजेपी का पुत्र जेष्ठ
सबका आईटी सेल में सत्कार है
कसम से आज,,,
आज का दिन मनाया जाया
मोदी समक्ष कशुआ जलाया जाये
डेंगू वेंगु का खतरा बहुत है
मछरों से साहब बचाया जाए
देश में सेहत का भी सवाल है
कसम से आज,,,,
कल को उठ कर ज़ोर से चिल्लाना
अच्छे दिनों को तिलांजलि दे कर
बुरे दिनों का दीप जलाना
वही दिनों की फिर दरकार है
कसम से आज,,,,
हँसी में रख दी बात गम्भीर
हराओ मिल के शब्द वीर
सबको ही तो मलाल है
कसम से आज पहली अप्रैल है

Jeffrey Partap
व्यंग तरंग