शाहजहाँपुर : अज़ीज़गंज तथा पिपरौला पुलिस चौकी के संरक्षण में सड़क किनारे खोखों पर खुले आम मिल रहा गांजा

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अनुराग मिश्रा
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शाहजहाँपुर।भांग की दुकानों पर गांजा की खुलेआम बिक्री हो रही है।गांजा की बिक्री के कारण भांग की बिक्री कम हो रही है जिसके कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बाद भी आबकारी विभाग भांग की दुकानों में मिलने वाले गांजा की बिक्री पर रोक नहीं लगा पा रहा है।गांजा बिक्री की रकम पुलिस और प्रशासनिक अफसरों तक पहुंच रही है। तभी तो कार्रवाई नहीं हो रही है। जाहिर है आबकारी विभाग ने सब व्यवस्थित कर रखा है।खुलेआम हो रहे गांजे की बिक्री से हाईस्कूल और इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी गांजा पीने की लत लग जा रही हैं, इसको लेकर अभिभावक खासा परेशान हैं।
गांजा खतरनाक मादक पदार्थ है जोकि पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं, एक समय ऐसा था जब स्मैक का कारोबार विकराल रूप धारण किए था। स्मैक माफियाओं ने इस नशे की चपेट में हजारों युवाओं को इसे नशे का आदी बना दिया था। जिसके चलते कई परिवार इससे बर्बादी की कगार पर पहुंच गए थे। लेकिन पिछले कई वर्ष से स्मैक माफियाओं ने अपना धंधा कम कर दिया। नशे के आदी लोग नशीला इंजेक्शन लगाकर अपना काम चला लेते है। नशे के आदी लोगों को स्मैक न मिलने पर अब गांजा का सेवन करने लगे। गौरतलब हो कि समूचे शहर में गांजा बेचने के चार पांच अड्डे हैं। जिनमे से कई खुलेआम तथा कुछ लुक छिपकर अपना धंधा चला रहे है।
शहर के खिरनी बाग चौराहे पर गांजा का खोखा फिलहाल तो बन्द हो गया है लेकिन एक युवक पेड़ के नींचे बैठ कर गांजा बेंचता है वहीं अजीज गंज चौकी तथा पिपरौला चौकी के संरक्षण में सड़क किनारे पान के खोखों की तरह बाकायदा गांजा के खोखे रखे है।वहां गांजे की बिक्री खुले आम हो रही है। इस दुकान में चाहे जो चला जाए उसे गांजे की पुड़िया उपलब्ध हो जाती है। वहां बिक्री कर रहे सेल्समैन का कहना है कि चाहे जहां चले जाओ
हर जगह पैसा पहुचाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि गांजा की खुली बिक्री पुलिस की मिली भगत हो रही है। इस मामले को जिलास्तरीय अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।