शिवराज पर जूता फेंकने वाले हमारे माई के लाल थे, राजपूत करणी सेना के प्रवक्ता बिजेंद्र सिंह

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आगामी कुछ ही महिनो में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जिसकी वजह से यहाँ राजनीती बहुत तेज़ हो गयी है, चारों राज्यों में इस समय बीजेपी की सरकार है, कांग्रेस पूरा ज़ोर लगाए हुए हैं कि इन सूबों में जीत हासिल कर लोकसभा चुनावों में उतरा जाये, अभी तक हालात बीजेपी के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में दिख रहे हैं, राजिस्थान और मध्यप्रदेश में बीजेपी के वापस आने की कोई उम्मीद नहीं नज़र आ रही है|

करणी सेना की अगुवाई में एसएसटी एक्ट के विरोध में ग्वालियर के मैदान में स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां हजारों की भीड़ मौजूद रही। इसी दौरान राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता बिजेंद्र सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार ने कहा था कि कोई ‘माई का लाल” आरक्षण खत्म नहीं कर सकता, लेकिन अब करणी सेना के माई के लाल आ गए हैं। गूंगे बहरों को सांप सूंघ गया है। शिवराज पर जूता फेंकने वाले हमारे माई के लाल थे, 78 प्रतिशत लोगों को मारोगे तो जवाब नहीं दे पाओगे।

न मोदी, न शिवराज न कांग्रेस, न महाराज
करणी सेना के प्रदेश संयोजक अतुल प्रताप ने कहा कि दो अप्रैल के घटनाक्रम में हमारे भाइयों पर जो झूठे केस लगाए हैं, शिवराज सरकार ने अगर वे वापस नहीं लिए तो आगे संभाग में आंदोलन को संभाल नहीं पाओगे। अब न मोदी, न शिवराज, न कांग्रेस न महाराज, कोई नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि शांति को कमजोरी न समझें, शांति जरूरी है, हिंसा मजबूरी है।

6 सितंबर को भारत बंद का ऐलान


सवर्णों ने इस फैसले के विरोध में 6 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि सवर्णों के 35 संगठन इस बंद का आह्वान कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था तो दलितों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। जिसके बाद कई जगह हिंसा हुई और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया और एससी एसटी एक्ट को मूल रूप में बहाल कर दिया।

भाजपा मंत्रियों का घेराव, महापौर को चूड़ियां
ग्वालियर में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा। सवर्णों ने होटल में होने जा रही भाजपा की बैठक से पहले नेताओं का घेराव किया और होटल के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस बैठक में प्रदेश सरकार के 4 कैबिनेट मंत्री पहुंचे और बीजेपी के विधायक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद रहे। इससे पहले सपाक्स संगठन ने विरोधस्वरूप महापौर विवेक शेजवलकर को चूड़ियां और श्रृंगार सामग्री भेंट की। इसके साथ ग्वालियर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को भी आंदोलनकारियों ने काले झंडे दिखाने की कोशिश की।