#सत्ता का #नशा है सर चढ़ के बोलेगा : बाबरी मस्ज़िद का पुनर्निर्माण संविधान और लोकतंत्र की अस्मिता का मामला है

Posted by

Kunwar Bilal Burney

#सत्ता का #नशा है सर चढ़ के बोलेगा
वैसे सनातनी और इस्लामिक धर्म के साथ सभी धर्मों के नियमानुसार अगर किसी की मौत हो तो लोगो /सरकार/मुख्यमंत्री आदी को #शोकाकुल #परिवार के #पुरसा देने
जाने की #परम्परा हुआ करती है, अगर #मुख्यमंत्री मोहदय के पास जाने के लिए समय अभाव की कमी हो तो अपने #प्रतिनिधि के तौर पर किसी भी #मंत्री को भेजा जाता है, न कि शोकाकुल परिवार को बुलाया जाता है, मैं #ईश्वर से इनको #सद्बुद्धि देने की प्राथर्ना करता हूँ!!!
#कुँवर_बिलाल_बर्नी
#समाजवादी_पार्टी

===============

Dr. Rahat Indori

Verified account

@rahatindori

कोई क्या सोचता रहता है मेरे बारे मैं,
ये ख़याल आते ही हमसाये से डर लगता है….
एक नए खौफ का जंगल है मेरे चारों तरफ,
अब मुझे शेर नहीं गाय से डर लगता है….

===============

अब्दुल समद
बाबरी मस्जिद विध्वंस पर बने लिबरहान आयोग ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव को इस पूरे प्रकरण में निर्दोष करार दिया था.

पर अशोक सिंघल इसे ग़लत ठहराते हुए तंज़ भरे लहजे में कहता था कि किस किस का नाम वो सार्वजनिक करें.

उसने कहा था “उस वक़्त जो प्रधानमंत्री (नरसिंहा राव) थे, वो भी अंदर से हमारे साथ थे. मैं तीन बार उनसे मिला.”

उसने एक और अहम नाम लेते हुए कहा, “मेरी नरसिंहा राव से मुलाकात कराने वाले सूत्र थे धीरूभाई अंबानी. उन्होंने मुझसे कहा कि क्या आप राव जी से मिलेगो, मैं चाहता हूँ कि आप मिलिए. तीन बार मेरी राव जी से मुलाक़ात हुई, वो भी आमने-सामने.”

विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेतृत्व ने इस तरह अटल बिहारी वाजपेयी को बाबरी मस्जिद प्रकरण से बाहर रखने वाले खेमे और लिबरहान आयोग की ओर से राव को निर्दोष करार देने वाले तर्कों पर सवाल खड़े किए थे।

===============

जान अब्दुल्लाह
मुस्लिम समाज जब ऐसे अहसान करता है तब यूनिवर्सिटी वाले भाइ बंधु कहा चले जाते है। क्या इस देश के बहुसंख्यक भाइ आने वाली पीढियी को यही संदेश देना चाहते है कि जिन मंदिरों में तुम पूजा करते हो वो मुस्लिम समाज द्वारा आये है लेकिन हमने कभी उनकी मस्जिद उनको वापस नही दी।

यही संदेश देना चाहते है आप? दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर के लिए भारतीय मुस्लिम जगह दे चुके है, यह उसी राज्य की बात है जहां कुछ दिन पहले 70-80 साल के बुजुर्ग ज़ैनुल को मारकर जला दिया गया था और 51 मंदिर बनाने वाला मुस्लिम व्यवसायी उस राज्य से है जहां पुलिस अफसर सुबोध जी को मार दिया गया

आपको शांति और इंसाफ को खुद में उतारने की ज़रूरत है फिर आंखे साफ करके दुनिया को देखिये आपके अलावा सब मसले का हल चाहते है बस आपको 2019 चाहिए

चलो, इतिहास में यह भी जुड़ जाए , अच्छा है

============

जान अब्दुल्लाह

मैं थोड़ी देर के लिए मान लेता हूँ कि बाबरी मस्जिद से पूर्व वहाँ पर राम मंदिर रहा होगा। लेकिन, इसबात का फ़ैसला तो न्यायालय को करना था। यदि न्यायालय यह साबित कर देता तब मुसलमान खुद बाबरी मस्ज़िद को शहीद करके राम मंदिर का निर्माण करा देता। लेकिन, यह भीड़ संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को जूते की नोक पर रखकर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दी और सरकार मूकदर्शक बनी रही। एक मिनट के लिए फिर मान लेते है कि देश की बहुसंख्यक हिन्दू लोग राम मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाने का साक्ष्य लेकर न्यायालय में प्रस्तुत कर भी देते है तब क्या राम मंदिर बन जाना चाहिये? ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिये। राम मंदिर बनने से पूर्व बाबरी मस्ज़िद के दोषियों को सज़ा मिलने के बाद मस्ज़िद का पुनर्निर्माण होना चाहिये। उसके बाद न्यायालय बाबरी मस्ज़िद की जगह राम मंदिर की बात करें। बाबरी मस्ज़िद का पुनर्निर्माण भारतीय संविधान और लोकतंत्र की अस्मिता का मामला है और संविधान और लोकतंत्र दोनों की अस्मिता की अस्मिता को बचाना हमारा कर्तव्य है।

Tarique Anwar Champarni