हमने देखा है सियासत के हाथो पिसता ये निज़ाम,,,,प्रताप

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Vikram Partap Jp
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दरिया देखे होंगें तूने समुन्दर नही देखा होगा
रोशन करे यो चिराग वो बवंडर नही देखा होगा
शोंक से देखें होगे तूने बुलंद ज़मींदोज़ महल
तूने हम फकीरो का हसता खंडहर नही देखा होगा
हमने देखा है सियासत के हाथो पिसता ये निज़ाम
तुम मिटे हो इन हाथो पर ये मंज़र नही देखा होगा
अपने लिये तो जीते है जहा बे ज़ुबाँ तक अक्सर
तूने हम जैसा मरने वाला कभी कलंदर नही देखा होगा
इन्सां हूँ मैं ख़ाक से बढ़ कर तो नही है ज़ात मेरी
फिर भी हम जैसा कभी तूने सिकंदर नही देखा होगा

Jeffrey Partap
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मेरा इतना फ़साना है मेरी इतनी कहानी हैै
ख़ाक होना है मुझको किस्सा सारा जुबानी है
बे वजह कब उतरे किसी की आँख में सागर
खून को पानी करता है अश्क़ की ये निशानी है
मोहबत दोनों ने की ऊँगलियां मुझ पे उठती है।
ये सर्रे आम धोखा है ये तो अजब मनमानी है
शहर उसके भी जा कर कोई तो देख के आये
किस्सा अपना तो यारो बच्चे बच्चे के ज़ुबानी है
चन्द लम्हे होते है फ़कत हसीं मोहबत्त मे
फिर प्रताप रोने की आसानी ही आसानी है।
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Vikram Partap Jp
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मुगल सराय जंक्शन का दीन दयाल जंक्शन बनने पर सवाल यह है के उनकी देन है क्या ,नीचे लिखे शब्द पढ़ कर आपको महसूस होगा के यह स्टेशन भी स्थाई नही रहेगा साउथ खिसक सकता है या मेघलाय #jp
😢

दीन दयाल का राष्ट्र के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन: मथुरा में जन्मे फिर सीकर चले गए। सीकर से कानपुर चले गए। कानपुर से आगरा चले गए। आगरा से इलाहाबाद चले गए। इलाहबाद से लखीमपुर चले गए। फिर दुनिया से चले गए। . . पर साला देश के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन क्या था 🤔🙄
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