हम्माम में सब नंगे!

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Sagar PaRvez
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मेयर पद पर कांग्रेस की दो नेताओं ने पर्चा दाखिल कर दिखाए बागी तेवर-भाजपा का भी वही हाल

उत्तराखंड-हरिद्वार : नामांकन पत्र जमा करने के आखिरी दिन मेयर पद पर कांग्रेस की दो नेताओं ने बागी तेवर दिखाते हुए नामांकन पत्र दाखिल करते हुए पार्टी हाईकमान के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। दोनों प्रत्याशियों की मानें तो आखिरी दौर में वे टिकट बदलने की प्रबल संभावना जता रहे हैं।

उधर शिवालिक नगरपालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा और कांग्रेस के बागियों के नामांकन पत्र भरने से दोनों दलों के प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निगम मेयर पद पर भाजपा से अन्नू कक्कड़ को टिकट दिए जाने के बाद दावेदारों ने भी चुपचाप हाईकमान के फैसले को स्वीकार कर समर्थन दे दिए, लेकिन कांग्रेस में नामांकन के आखिरी दिन दो दावेदारों में पूनम भगत और पायल जैन ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए।

पायल के पति वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज जैन का कहना है कि वे पार्टी के सिपाही हैं। सिंबल नहीं मिला तो पर्चा वापस ले लिया जाएगा। निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्हें सिंबल बदले जाने की पूरी संभावना है। मनोज के पता दिवंगत पारस कुमार जैन अपने समय में नगरपालिका के चेयरमैन रहे हैं।

नामांकन के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूनम भगत ने कहा कि पार्टी प्रत्याशी बदलेगी। वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। वहीं, पूनम भगत ने कहा कि मेयर पद पर दावेदारी उन्होंने कांग्रेस से की है। लेकिन राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट पर उनकी पार्टी कांग्रेस के बाजाय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) दर्शाया गया है।उधर, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष पर भाजपा और कांग्रेस में बगावत खुलकर सामने आ रही है।

भाजपा से संजीव चौधरी, उपेंद्र शर्मा, देवकी नन्दन पुरोहित ने बागी तेवर दिखाते हुए आखिरी दिन नामांकन पत्र भर दिया। टिकट आवंटन को लेकर तीनों नेता ही पार्टी निर्णय से खफा नजर आ रहे हैं। अपने-अपने सियासी कद के अनुरूप तीनों नेता लंबे समय से भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। संजीव का कहना है कि पार्टी को वफादारी की कद्र नहीं रही। देवकी नन्दन पुरोहित का कहना है कि पहले भी उन्हें मनाकर उनकी दावेदारी को नजरअंदाज किया गया।

शिवालिक नगरपालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की बगावत भी प्रत्याशी और पार्टी के लिए सिरदर्द बन गई है। महिला जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद किरन सिंह ने निर्दलीय पर्चा भरा है। एक समय पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबियों में शामिल किरण का कहना है कि पार्टी ने उनकी वफादारी की कद्र नहीं की। एमडी शर्मा ने भी कांग्रेस से नाता तोड़कर उक्रांद से अपना पर्चा दाखिल किया।