फ़िल्म ‘ज़िला गोरखपुर’ में गंजे, नंगे, भंगड़ी, हत्यारों की कहानी थी जो प्रोजेक्ट बंद हो गया, जानिये

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भारत में समय समय पर कट्टरपन्तियों का खौफ देखने को मिलता रहता है, फ़िल्म ‘वॉटर’ हो या सनी देओल की ‘मोहल्ला अस्सी घाट’,,,या फिर ज़िला गोरखपुर,,,पद्मावत के समय पुरे देश में भीड़ तंत्र ने हाथों में तलवारें लेकर नंगा नाच किया था, कई नेताओं ने तो पदमावती को राष्ट्र माता भी घोषित कर डाला था, आस्था का बुखार यहाँ लोगों पर हद से अधिक चढ़ा हुआ है जिसकी वजह से अकल ख़राब हो गयी है, अंधे समान हो गए हैं लोग, ज़रा बात में पाजामे से बहार हो जाते हैं, जिनका कोई आता पता नहीं था वह देशभक्ति, देश भक्ति कर रहे हैं,,,अपराधी, कुख्यात अपराधी राज कर रहे हैं, सत्ता चला रहे हैं, ऐसे में कोई ‘जिला गोरखपुर’ नाम से फ़िल्म बना कैसे सकता है, फिल्म में हो सकता है, गंजे, नंगे, भंगड़ी, चरसी, हत्यारों की भी कहानी हो सकती है|

जिला गोरखपुर’ फिल्म का पोस्टर रिलीज होते ही विवाद शुरू हो गया, एक नेता के जीवन पर आधारित फिल्म बताई जा रही थी. ‘जिला गोरखपुर’ फिल्म का पोस्टर हाल ही में रिलीज किया गया था. भाजपा विधायक ने फिल्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.

पोस्टर रिलीज होते ही विवाद
सोमेंद्र सिंह तोमर ने मेरठ के मेडिकल थाने में फिल्म के निर्माता-निर्देशक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. ‘जिला गोरखपुर’ नाम के इस फिल्म के पोस्टर में एक व्यक्ति को भगवा कपड़ा पहने और हाथ में रिवॉल्वर लिए खड़े दिखाया गया है. पास ही में एक गाय भी खड़ी दिखाई दे रही है. सामने में एक मंदिर है. इस पोस्टर रिलीज होते ही विवाद शुरू हो गया. मेरठ साउथ से विधायक सोमेंद्र सिंह तोमर ने पोस्टर पर आपत्ति जताते हुए मेरठ के सीनियर एसपी को तहरीर दी.

आखिर ‘जिला गोरखपुर’ के पोस्टर में क्या था?

‘गलत संदेश देने की कोशिश’
सोमेंद्र तोमर ने आरोप लगाया है कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है. जिस तरह से पोस्टर दिखाया गया है, उससे समाज में गलत संदेश जाता है. पोस्टर से समाज को बांटने और हिन्दुत्व को लेकर गलत संदेश देने की कोशिश की जा रही है. इस तहरीर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामला दर्ज करने का आदेश दिया. इसके बाद मेडिकल थाने में फिल्म के निर्माता-निर्देशक विनोद तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

‘जिला गोरखपुर’ प्रोजेक्ट बंद
दूसरी तरफ फिल्म के निर्देशक विनोद तिवारी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि वो यह फिल्म नहीं बनाएंगे. उन्होंने कहा कि फिल्म को गलत तरीके से देखा जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है. नॉस्ट्रम एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली इस फिल्म से पहले एक और फिल्म ‘तेरी भाभी है पगले’ आ चुकी है. जो बॉक्स ऑफिस कमाल नहीं कर सकी. लेकिन इस बार कथित तौर पर यूपी के एक नेता पर फिल्म होने की वजह से लोगों में इंटेरेस्ट देखा जा रहा था. लेकिन अब फिल्म ‘जिला गोरखपुर’ प्रोजेक्ट बंद हो चुका है.

सिनेमा, साहित्य, संगीत की अपनी अलग दुनियां होती है जहाँ किसी तरह का बैर भाव नहीं होता, राजनीती में कोई किसी का नहीं होता, फिल्म ऐसी चीज़ों को बहार निकालने का माध्यम बनती हैं, फिल्मों के ज़रिये समाज में सीधा सन्देश पहुँचता है, समाज में बहुत बार सिनेमा की वजह से बदलाव आते हैं, ऐसे में रोकटोक, पाबन्दी, डरना, धमकाना जैसे ओछे हथकंडे कलाकारों के साथ नहीं होने चाहिए| जो भी कोई अपनी बात जिस माध्यम से कहना चाहता है कहने के लिए आज़ाद होना चाहिए