08 अप्रैल का इतिहास : 8 अप्रैल, 1857 को क्रांतिकारी मंगल पांडे को फांसी दी गई!

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देश और दुनिया के इतिहास में 8 अप्रैल
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-8 अप्रैल के इतिहास में कई महत्‍वपूर्ण घटनाएं शामिल हैं, जिनमें क्रांतिकारी मंगल पांडे को फांसी देना और भारत-पाकिस्‍तान के बीच अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित करने लियाकत-नेहरू समझौता हुआ था.

-1857 के दिन ब्रिटिश भारत की बैरकपुर रेजीमेंट के सिपाही मंगल पांडेय को फौजी अनुशासन भंग करने और हत्या करने के अपराध में फांसी पर चढ़ाया गया.

-1894 बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय भारत के राष्ट्रीय गीत बंदे मातरम् के रचयिता की पुण्यतिथि.

-1906 आगस्ट डेटर अल्झाइमर रोग से जान गंवाने वाले पहले मरीज बने.

-1929 में आज ही के दिन क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्‍वर दत्त ने दिल्ली असेंबली बम फेंका.

-1946 संयुक्त राष्ट्र के पूर्ववर्ती संगठन लीग ऑफ नेशंस की आखिरी बैठक.

-1950 भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद आज ही के दिन दोनों देशों ने अपने- अपने देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित करने और भविष्य में दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाओं को ख़त्म करने के मकसद से समझौता किया था.

-1959 कंप्यूटर इंजीनियरों ने एक नई प्रोग्रामिंग भाषा ‘कोबोल’ तैयार करने के लिए बैठक की.

-1964 जेमिनी-1 लांच किया गया.

-1973 स्पेन के चित्रकार पाब्लो पिकासो का निधन.
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8 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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सन 1801 में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में हुई हिंसा में 128 यहूदियों की मौत।
=प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राम मोहन राय 1831 में इग्लैंड पहुंचे।
=नील नदी में सन 1912 में जहाजों के आपसी भिड़ंत के बाद इसमें सवार 200 से अधिक लोगों की डूबकर मौत।
=क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्‍वर दत्त ने 1929 में आज ही के दिन दिल्ली असेंबली बम फेंका।
=संयुक्त राष्ट्र के पूर्ववर्ती संगठन लीग ऑफ नेशंस की 1946 में आखिरी बैठक।
=भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद 1950 में आज ही के दिन दोनों देशों ने अपने- अपने देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित करने और भविष्य में दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाओं को ख़त्म करने के मकसद से समझौता किया था।
=कंप्यूटर इंजीनियरों ने 1959 में एक नई प्रोग्रामिंग भाषा ‘कोबोल’ तैयार करने के लिए बैठक की।
=सन 1961 में ब्रिटिश जहाज दारा के फारस की खाड़ी में गिरने से 240 लोगों की मौत।
=“जेमिनी-1” 1964 में लांच किया गया।
=भारत और पाकिस्तान के बीच 1985 में सीमा युद्ध शुरू, इसे कश्मीर के दूसरे युद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
=जनरल वेंग शंग कुन 1988 में चीन के राष्ट्रपति चुने गए।
=अमेरिकी सेना ने 2003 में सद्दाम हुसैन का पता लगाने के लिए बगदाद में बंकर भेदी बम बरसाए जिसमें अनेक नागरिकों की मृत्यु हो।
=आंध्रप्रदेश और कर्नाटक की सरकारों ने 2008 में सिक्खों को अपने राज्य में अल्पसंख्यक घोषित किया।

8 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति
इतिहासकार हेमचंद्र राय चौधरी का 1892 में जन्म।
भारतीय शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व का 1924 में जन्म।
संयुक्त राष्ट्र के 7वें महासचिव कोफी अन्नान का 1938 में जन्म।
हिंदी कवि दिनेश कुमार शुक्ल का 1950 में जन्म।
तेलुगु चलचित्र अभिनेता अल्लु अर्जुन का 1983 में जन्म।

8 अप्रैल को हुए निधन-
प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 विद्रोह के सिपाही मंगल पांडे को 1857 को फांसी दी गई।
भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदेमातरम्” के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का 1894 को निधन।
अमेरिकी उद्योगपति हेनरी फोर्ड का 1947 में निधन।
स्पेन के चित्रकार पाब्लो पिकासो का 1973 में निधन।
हिंदुस्तानी संगीतज्ञ और सरोद वादिका शरण रानी का 2008 में निधन।
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मारग्रेट थेचर का 2013 में निधन।
भारतीय पत्रकार तथा मशहूर लेखक जयकांतन का 2015 में निधन।

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भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त ने दिल्ली असेंबली में बम फेंका
1929 में आज ही के दिन क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त ने दिल्ली असेंबली बम फेंका।

जब वायसराय ने पब्लिक सेफ्टी बिल को क़ानून बनाने के लिए रखा गया तभी भगत सिंह ने बम फेंका. दोनों ने नारा लगाया ‘इन्कलाब जिन्दाबाद’, पर्चे भी फेंके, जिनमें जनता का रोष प्रकट किया गया था.

बम फेंककर इन्होंने खुद को गिरफ़्तार कराया. अपनी आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए अपने मुक़दमे की पैरवी उन्होंने खुद की. इस मामले में भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त को आजीवन कारावास मिला.
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मंगल पांडेय को फांसी
8 अप्रैल, 1857 के दिन ब्रिटिश भारत की बैरकपुर रेजीमेण्ट के सिपाही मंगल पांडेय को फौजी अनुशासन भंग करने तथा हत्या करने के अपराध में फांसी पर चढ़ाया गया।

फांसी चढ़ाने के लिए कोई स्थानीय जल्लाद न मिला. कोलकाता से चार जल्लादों को बुलाकर इस फौजी को फाँसी दी गई.
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नेहरु­- लियाक़त समझौता
भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद आज ही के दिन 1950 में दोनों देशों ने अपने- अपने देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित करने और भविष्य में दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाओं को ख़त्म करने के मकसद से एक समझौता किया था.

नई दिल्ली में छह दिनों तक चली बातचीत के बाद भारत की ओर से तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु और पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री लियाक़त अली खा़न ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे.