फ़तेहाबाद : काफ़ी संख्या में बड़े संदूक में लदे हुए EVM सन्दिग्ध ट्रक से स्ट्रांग रूम कैंपस में पहुंचे

फ़तेहाबाद : काफ़ी संख्या में बड़े संदूक में लदे हुए EVM सन्दिग्ध ट्रक से स्ट्रांग रूम कैंपस में पहुंचे

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फतेहाबाद भोडिया खेड़ा महिला कॉलेज में बने ईवीएम स्ट्रांग रूम कैंपस में मंगलवार को एक संदिग्ध ट्रक जिसमें काफी संख्या में बड़े संदूक लदे हुए थे, अचानक सुरक्षा घेरे को पार करते हुए अंदर तक जा पहुंचा. इस संदिग्ध ट्रक के पीछे कांग्रेस के कार्यकर्ता पहले से ही लगे हुए थे और जैसे ही यह संदिग्ध ट्रक भोडिया खेड़ा कॉलेज पहुंचा तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा में तैनात अधिकारियों से इसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की.

गड़बड़ी की आशंका के चलते सूचना मिलते ही कांग्रेस के सिरसा लोकसभा उम्मीदवार और हरियाणा कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक तंवर तुरंत मौके पर पहुंचे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के विरोध जताने के दौरान फतेहाबाद के डीसी धीरेंद्र खड़गता, एसपी विजय प्रताप सिंह, डीएसपी सुभाष चंद्र सहित चुनाव आयोग के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे.

मौके पर विरोध जताने के बाद संदिग्ध संदूक लदे ट्रक को बैरंग वापस भेज दिया गया. इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस की ओर से जिला प्रशासन सहित फतेहाबाद के डीसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि प्रशासन ने मिलीभगत करके संदिग्ध ट्रक को ईवीएम बदलने के लिए मौके पर बुलाया था. कांग्रेस नेता सुजीत सिंह ने आरोप लगाया कि जिला फतेहाबाद के डीसी की भूमिका इतनी संदिग्ध है कि डीसी अधिकारी ना होकर भाजपा के जिला प्रधान मालूम पड़ते हैं.

वहीं ईवीएम की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी कांग्रेस नेता ने भाजपा के एजेंट करार दिया. कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के विरोध जताने के बाद संदिग्ध ट्रक को वापस भेज दिया गया जबकि डीसी फतेहाबाद और तमाम अधिकारियों को इसकी चेकिंग करनी चाहिए थी और बिना परमिशन के इस तरह स्ट्रांग रूम तक ट्रक को ले जाने वाले और ट्रक को यहां तक भेजने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी.

वहीं सुरक्षा में तैनात अधिकारियों की भी जांच की जानी चाहिए कि आखिर बिना परमिशन के संदिग्ध ट्रक ईवीएम स्ट्रांग रूम कैंपस में दाखिल हुआ कैसे? कांग्रेस नेता ने बताया कि ईवीएम की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि जिस तरह से दिनदहाड़े ईवीएम बदलने की नाकाम कोशिश की गई है तो रात में भी अधिकारी ऐसा नहीं करेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं. ऐसे में खुद कांग्रेस की ओर से स्ट्रांग रूम कैंपस के सामने टेंट लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की 24 घंटे निगरानी करने की ड्यूटी लगाई गई है.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि संदिग्ध ट्रक इतनी जल्दबाजी और हड़बड़ाहट में पहुंचा था कि रास्ते में इस ट्रक की टक्कर एक कार से भी हुई लेकिन ये ट्रक मौके से भाग निकला. कांग्रेस नेता का आरोप है कि किसी न किसी बड़ी साजिश के तहत यह ट्रक जिला प्रशासन की देखरेख में भोडिया खेड़ा कॉलेज ईवीएम स्ट्रांग रूम तक पहुंचा था. कांग्रेस की तरफ से मांग की जाती है कि इस संदिग्ध ट्रक की भूमिका की पूरी जांच हो और जिला प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय हो कि आखिरकार इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?

वहीं उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें मतगणना केंद्र से सूचना मिली थी कि एक संदूकों से भरा एक ट्रक वहां पहुंचा, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और ट्रक से संबंधित जानकारी ली गई. उन्होंने बताया कि उक्त ट्रक टोहाना सहायक निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों पर तहसीलदार की देखरेख में टोहाना से लाया गया था और इन संदूकों में मतगणना उपरांत ईवीएम मशीनों को रखा जाना था. उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया गया. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी न हो इसके लिए उन्होंने संदूकों को वापस भिजवा दिया है.

सोर्स : Jaspal Singh | News18 Haryana