म्यांमार, रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के मामले में अपने वादे से मुकर गया है : बांग्लादेश

म्यांमार, रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के मामले में अपने वादे से मुकर गया है : बांग्लादेश

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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा है कि म्यांमार, रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के मामले में अपने वादे से मुकर गया है।

शैख़ हसीना वाजिद ने दस लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों की म्यांमार वापसी के संबंध में इस देश की सरकार पर वादे से मुकरने का आरोप लगाया है और आशंका जताई है कि कुछ अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसिया इस मामले को संकट को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं और वे नहीं चाहतीं कि शरणार्थी कभी अपने घर लौटें। उन्होंने जापान, सऊदी अरब और फ़िनलैंड की तीन दिवसीय यात्रा से स्वदेश लौटने पर एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि म्यांमार नहीं चाहता कि रोहिंग्या शरणार्थी स्वदेश लौटें।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के तीन बड़े देशों भारत, चीन और जापान से इस संकट के बारे में अलग अलग बात की है और तीनों का कहना है कि रोहिंग्याओं का संबंध म्यांमार से है और उन्हें स्वदेश लौटने दिया जाना चाहिए लेकिन इसी का साथ उनका यह भी कहना है कि अगर वे इस मामले पर म्यांमार के ख़िलाफ़ खड़े होते हैं तो फिर इस देश को मामला सुलझाने के लिए कौन समझाएगा। शैख़ हसीना वाजिद ने कहा कि म्यांमार ने रोहिंग्या शरणार्थियों की स्वदेश वापसी के संबंध में बांग्लादेश से वादा किया था लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर रहा है। ज्ञात रहे कि म्यांमार की सेना और चरमपंथी बौद्धों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों पर किए जाने वाले पाश्विक हमलों के बाद दस लाख से अधिक रोहिंग्या बांग्लादेश पहुंचे हैं जहां वे शरणार्थियों के रूप में अत्यंत दयनीय जीवन बिता रहे हैं