अमरीकी राष्ट्रपति की चीनी राष्ट्रपति को धमकी! मिलो वरना समझ लो!

अमरीकी राष्ट्रपति की चीनी राष्ट्रपति को धमकी! मिलो वरना समझ लो!

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अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने अपने चीनी समकक्ष को धमकी दी है कि अगर वे उनसे इस महीने के अंत में जापान में प्रस्तावित गुट-20 के शिखर सम्मेलन में नहीं मिलते हैं तो वे चीन की 300 अरब डॉलर मूल्य की दूसरी वस्तुओं पर सीमा शुल्क लगा देंगे।

ट्रम्प ने सोमवार को सीएनबीसी से फ़ोन पर इंटरव्यू में अपने और चीनी नेता के बारे में कहाः “आपस में मुलाक़ात की संभावना है। अगर हम मिले तो ठीक नहीं मिले तब भी ठीक।”

जब अमरीकी राष्ट्रपति से यह पूछा गया कि अगर चीनी राष्ट्रपति शी जिन पिन्ग उनसे गुट-20 के शिखर सम्मेलन में नहीं मिले जो 28-29 जून को जापान के ओसाका शहर में प्रस्तावित है, तो क्या वे चीन से आयातित 300 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं पर सीमा-शुल्क लगाएंगे, तो ट्रम्प ने कहाः “हां ऐसा करेंगे।”

ट्रम्प ने सबसे पहले इस तरह के शुल्क लगाने की पिछले हफ़्ते धमकी देते हुए कहा था कि वह गुट-20 के शिखर सम्मेलन के बाद धमकी को व्यवहारिक बनाने का फ़ैसला करेंगे।

यह कहने के बाद ट्रम्प ने अपने बयान को संतुलित करने और गेंद को राष्ट्रपति शी के पाले में डालने के लिए कहाः “उन्हें तनिक भी बेइज़्ज़ती नहीं लगेगी अगर चीनी राष्ट्रपति शी ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया।”

ट्रम्प ने सीएनबीसी से इंटरव्यू में कहाः “मैं कभी अपमानित महसूस नहीं करता। हमने यह सीखा है कि ख़ुद को अपमानित महसूस न करें। मेरे विचार में वे वहां होंगे। हमारा आपस में बातचीत का कार्यक्रम है। देखते हैं क्या होता है।”

अमरीकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक जंग के बावजूद उनके चीनी राष्ट्रपति शी के साथ अच्छे संबंध हैं।

चीन ने अभी तक ट्रम्प और शी जिन पिन्ग के बीच प्रस्तावित मुलाक़ात की पुष्टि नहीं की है लेकिन चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने मंलगवार को कहा कि जैसे ही उन्हें इस बारे में सूचना मिलेगी वह उसे मीडिया के लिए जारी करेंगे।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहाः “चीन व्यापारिक जंग नहीं चाहता लेकिन हम व्यापारिक जंग से डरते भी नहीं।”

ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पिछले साल चीन के साथ व्यापारिक जंग उस समय छेड़ी जब उन्होंने चीन से आयातित वस्तुओं पर भारी सीमा-शुल्क लगा दिया। उसके बाद से दोनों देशों ने एक दूसरे की वस्तुओं पर सीमा शुल्क लगाया।

बीजिंग-वॉशिंग्टन के बीच इस मुद्दे के हल के लिए बातचीत हुयी लेकिन अब तक इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका। दोनों पक्षों के बीच ताज़ा बातचीत का चरण मई में आयोजित हुआ था जिसका कोई नतीजा नहीं निकला था।