राजस्थान : प्रमुख सिविल सेवा व उनकी अधीनस्थ सेवा मे 978 मे से 15 मुस्लिमो का चयन!

राजस्थान : प्रमुख सिविल सेवा व उनकी अधीनस्थ सेवा मे 978 मे से 15 मुस्लिमो का चयन!

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।अशफाक कायमखानी।
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जयपुर।राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाए सयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2013 के द्वारा सफल अभ्यार्थियो को योग्यता, प्राथमिकता, एवं उनकी श्रेणी के आधार पर सेवा का आवंटन कल रात कार्मिक विभाग के करने के बाद जो स्थिती अब जाकर उजागर हुई है, उसमे तमाम 978 अभ्यार्थियो मे 15- मुस्लिम कण्डीडेट भी स्थान पाने वालो मे शामिल है। लेकिन मुस्लिम समुदाय के लिये दुखद व सोचनीय बिन्दू यह है कि राजस्थान प्रशासनीक सेवा RAS के 49 पदो मे कोई भी मुस्लिम कण्डीडेट जगह नही बना पाया है। इसके अतिरिक्त राजस्थान पुलिस सेवा RPS के 47-पदो मे एक मात्र नूर मोहम्मद व राजस्थान लेखा सेवा R Ac के 105 पदो मे शेहला खान के अलावा राजस्थान वाणिज्यक कर सेवा मे असलम खान जरुर जगह पाने मे कामयाब हुये है।

उक्त मुस्लिम केण्डीडेटस के अलावा राजस्थान देवस्थान अधीनस्थ सेवा मे जीशान अली, राजस्थान वाणिज्यक कर अधीनस्थ सेवा मे परवेज अली, हसीना बानो, व मजहर अहमद ने एवं राजस्था महिला एवं बाल विकास अधीनस्त सेवा शेर खान ने जगह फिक्स की है। इसके अतिरिक्त राजस्थान सामान्य न्याय एवं अधीनस्थ सेवा मे अस्मा पीरजादा, आमीर खान, सिकन्दर व उम्मेद अली एवं राजस्थान श्रम एवं नियोजन अधीनस्थ सेवा मे नईमुद्दीन पंवार, मोहम्मद इमरान रंगरेज, इस्लाम खान व इमरान खान ने जगह बनाई है।

राजस्थान के कार्मिक विभाग के कल देर रात निकले आदेश को पढने पर बढी हेरत हुई कि राजस्थान प्रशासनीक सेवा RAS सहित अन्य एक दर्जन से अधिक राजस्थान सेवा व अधीनस्त सेवा मे तो मुस्लिम बच्चो की नुमाईंदगी भी नही है।

कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के मुस्लिम युवक युवतिया समय समय पर अपने पारीवारिक सिमित साधनो की ताकत के बल पर सिविल सेवा मे आकर वतन की खिदमत करने के लिये कठिन परीश्रम तो करते आ रहे है। लेकिन समय पर उन्हे मोटीवेटेसन व गाइडेंस नही मिलने के अभाव मे मुस्लिम युवक युवतिया उस मुकाम को छू नही पा रहे है। जिसकी आज वतन की सेवा के लिये सख्त दरकार है। अगर बेहतर हो जब सामाजिक तंजीमे इस तरफ ध्यान देकर कुछ नैक कदम उठाये। दुसरी तरफ इन सेवा मे जाने के इच्छुक बच्चो को अपने आपको अलग थलग रहने की आदत को छोड़कर अन्य वतन भाइयो के मध्य घूलमिलकर रहने की आदत डालते हुये उनके अच्छे अनुभवो व सफल तैयारी सिस्टम के तरिको को गम्भीरता से जीवन मे उतारने की कोशिश करने पर सोचना चाहिये।