हिंदुस्तानी हज यात्रियों के साथ धोखा … करोडो का घोटाला ?

हिंदुस्तानी हज यात्रियों के साथ धोखा … करोडो का घोटाला ?

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Ausaf Shahmeeri Khurram – Bhopal

.भोपाल…..देश में कुछ मुस्लिम संगठन मुसलमानों के नाम पर सियासत करते हैं और उन्हें धोखा देते हैं। हिंदुस्तानी मुसलमानों को यह समझना होगा। क्योंकि यह उनकी जिम्मेदरी है। सरकार या.हज कमेटी भारतीय कानून के दायरे में ही नहीं होना चाहिए..भारतीय कानून से उपर है क्या ? आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी AIMTC के चेयरमे न डॉ औसाफ शाहमीरी खुर्रम ने सरकार एवं हज कमेटी पर राज्य सभा के आदेश को भी दरकिनार कर हज यात्रियों के साथ पक्षपात धोखा किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हज यात्रियों की खैरख्वाह बनी हज कमेटी द्वारा प्रत्येक हज यात्री से मक्का व मदीना में ठहराने के लिए प्रति यात्री 87 हजार रुपए वसूले गए है,लेकिन इसके विपरीत भोपाल,ग्वालियर जबलपुर सिवनी. इंदौर, होशंगाबाद समेत अनेक 48 जिलों के हज यात्रियों को वहां की रुबातों में न ठहरा कर अन्य यात्रियों को ठहराया जा रहा है।

डॉ खुर्रम ने कहा कि विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज की पहल पर राज्य सभा ने गत एक अप्रेल को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर प्रदेश के सभी हज यात्रियों को नि:शुल्क ठहराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे लेकिन यह पुनीत कार्य भी प्रदेश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि विदेशी यात्रियों को प्रदेश की रुबातों में ठहराने के नाम पर उनसे अलग वसूली हो रही है।

कमेटी चेयरमेन ने गुरुवार को मुख्य सचिव अंटोनी जेसी डिसा को इस बारे में ज्ञापन सौंप कर उनसे हज यात्रियों के साथ हो रहे धोखा पक्षपात पर अंकुश लगाने व उन्हें वहां रोकने के नाम पर वसूली गई राशि वापस कराने की मांग की। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ..AIMTC ने देश की सरकारों पर हज सब्सिडी के नाम झूठ और धोखा देने का आरोप लगाया है। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी AIMTC ने कहा है की दशकों से यह झूठ बोला गया है की हज यात्रा के लिए मुसलमानों को सब्सिडी दी जा रही है बल्कि मुसलमान तीर्थ यात्रिओं से दुगना रुपया वसूला जा रहा है और एक हज महीने में विदेश मंत्रालय, अल्पसंख्यक मंत्रालय और हज कमेटी आपसी मिलीभगत से करीब 1000 करोड़ रूपये से अधिक का घोटाला कर रहे है। इन तीनों विभागों की इस बेईमानी में भारत सरकार पूरी तरह से मिली हुई है। बड़े रसूख वाले मुसलमान नेताओ को गुडविल डेलिगेशन और वी आई पी के नाम पर फ्री हज का ऑफर किया जाता है।

आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी AIMTC ने कहा की इस प्रकार गरीब जनता के पैसे से लीकेज, वित्तीय गड़बड़ी और करोड़ों का घोटाला हो रहा है। कांग्रेस पार्टी जो अपने आप को मुसलमानों का रहनुमा बताती है वह इस ड्रामा कंपनी में मुख्य किरदार के रोल में रहा है। वही बीजेपी भी सच्चाई जानती थी किन्तु हिन्दू मतदाता को भ्रमित करने में यह झूठ की बानगी.. कॉंग्रेस पार्टी ने यह प्रचारित कर रखा है की उसने मुस्लिम भाइयों को हज यात्रा में एक बड़ी राशि बतौर सब्सिडी दे रखी है और मुस्लिम भाई भी इस बात को सत्य मान कर कृतघ्न महसूस करते है किन्तु इस प्रकरण में अध्ययन किया तो साफ तौर से एक बड़ा घोटाला नज़र आ रहा है और सरकारी और बड़ी पार्टियाँ बेशर्मी से झूठ भी बोल रही होती है, अहसान कर रही होती है, और करोड़ों रूपये का घोटाला भी कर रही है। यानि दोनों हाथ घी में और…घोटाले की बानगी देखिये :- मोटे तौर पर एक हज यात्री से सरकार करीब रूपये 190000/- से 200000/- यात्रा खर्च के तौर पर ले रही है जिसका यात्रा खर्च विवरण पिछले दशकों में साफ़ तौर से कभी भी जारी नहीं किया गया है और यहाँ शून्य पारदर्शिता पर काम किया जा रहा है।

इस वर्ष 2016 हज कमेटी की बुकलेट के अनुसार अब यात्रा पर प्रति व्यक्ति ख़र्च को समझें –… 1 . हवाई यात्रा भाड़ा :.. अज्ञात खर्च … 2 . मक्का में रहने का खर्च ( रिहाइश का किराया तथा : 4500 रियाल * 17 = 76500 मीना, अराफ़ात और मुजदलका का खर्च समेत ) 3 . मदीना मुनवरा रहने का खर्च ( खाना शामिल ) : 500 रियाल * 17 = 8500….4 . हाथ खर्च के लिए : 1500 रियाल *17 = 25500 इस प्रकार हवाई भाड़ा के अतिरिक्त कुल खर्च : कुल खर्च = 110500/- सरकार का दावा है की वह सब्सिडी के तौर पर एक तरफ का हवाई किराया दे रही है हालाँकि हर हज यात्री को एयर इंडिया से सफर करना जरुरी होता है..इस प्रकार 190000 – 110500 = 79,500/- रूपये या 200000 -110500 = 89,500/ – रूपये बच गए हैअब आप किसी भी ट्रैवल साइट पर जाकर देखे तो पाएंगे की भारत के किसी शहर जैसे देहली से जेद्दाह शहर का हवाई किराया करीब औसतन 30000/- आना एवं जाना का होता है। यदि किसी कथित टैक्स ( जिसका विवरण बुकलेट में आता है ) को भी जोड़ ले तो पिछले सालों के हिसाब से वो 5000/- के करीब होता है। इस प्रकार कुल जमा पूँजी में से 44500/- से 54500/- रुपया शेष रह गया जिसका कोई हिसाब नहीं मिल रहा है।

गत वर्ष करीब एक लाख लोग इस यात्रा पर गए थे यदि औसत गायब रुपया यानि जिसका हिसाब नहीं मिल रहा को 50000 /- राउंड ऑफ करेंगे तो स्पष्ट हो जायेगा की घोटाला या गड़बड़ी कितने रूपये की है।

कुल यात्रियों की संख्या 100000 * 50000 रूपये =5000000000 रूपये

यानि घोटाला नंबर 1 = 500 करोड़ रूपये / एक साल ..घोटाला न 2 कुछ इस प्रकार है जहाँ जिन्दा मक्खियाँ निगली जा रही है और वो भी खुले आम..आइये अब लौट कर आते है दिलदार कांग्रेस सरकार द्वारा मुस्लिम हज यात्रियों को दि जा रही सब्सिडी राशि पर जो बीजेपी की अटल बिहारी सरकार और वर्तमान मोदी सरकार भी जारी रखे हुए है।

केंद्र सरकार हर वर्ष कथित तौर पर करोडो रुपया अपने विदेश मंत्रालय के माध्यम से इस यात्रा पर ख़र्च कर रही है किन्तु किसी को यह नहीं पता यह राशि कहाँ जा रही है। यहाँ तक की माननीय अपैक्स कोर्ट भी हज से सम्बंधित कई प्रकरण सुन रही होती है किन्तु इस प्रश्न का जवाब सामने नहीं आ रहा की जब यात्री अपना खुद का पूरा पैसा दे रहे है और उसमे भी हर साल 500 करोड़ का हिसाब गुम है यानि एक बड़े घोटाले की भेंट चढ़ रहा है फिर यह सब्सिडी की बड़ी राशि कहाँ जा रही है।

वर्ष…यात्रियों की संख्या…सब्सिडी ( करोड़ रूपये में )
2003…69,795……..172.00
2004…71,711…….160.70
2005…80,786……..198.00
2006…99,926………290.00
2006-II….108,373…470.56
2007….110,415……477.00
2008…121,787……..895.00
2009…120,127……..690.00
2010….125,850……..600.00
2011….1,24,921…….605.00 + service tax to be paid

2012, 13, 14 और 15 16 में इसी प्रकार 2600 करोड़ से अधिक की घोटाला राशि गायब हो रही है जब यात्रा की कुल कीमत ही एक लाख चालीस हज़ार अधिकतम है फिर हर यात्री से 190000 या 200000 रूपये लेना और ये क्लेम करना की अभी तो करीब 60000/- प्रति यात्री सब्सिडी में से हम खर्च कर रहे है यानि प्रति यात्री कुल जमा 250000 रूपये, खर्च कुल 140000 रूपये और कुल गायब 110000 रूपये इस प्रकार एक लाख लोगों से एक लाख दस हज़ार रूपये की खुली लूट यह है कांग्रेस पार्टी की मुस्लिम लोगो को देन, सब्सिडी का झुनझुना और सच में धोखा।

उपरोक्त तथ्यों, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया के 2014 के हिसाब की सच्ची प्रतिलिपि, हवाई जहाज बुकिंग की वेबसाइट आदि के अवलोकन के पश्चात हर कोई इस झूठ को समझ सकता है। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी AIMTC ने इस मामले की ऑडिटर जनरल ऑफ़ इंडिया, किसी जूरी और जन प्रतिनिधि इकाई से जाँच करवाने की मांग करते हुए दोषियों को सजा दिए जाने और पिछले 10 वर्षो की स्थिति पर श्वेत पत्र की मांग की है।आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी AIMTC ने निर्णय लिया है की इस प्रकरण की सच्चाई को जन जन तक पहुँचाया जायेगा और कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन करेगी। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी AIMTC भारत के प्रधानमंत्री से भी अपील करती है की यदि सहायता राशि देना है तो यात्री के अकाउंट में डायरेक्ट ट्रांसफर की योजना पर अमल लाया जाना चाहिए..