इराक़ी सेना और कुर्द फ़ोर्स आमने-सामने, किसी भी समय छिड़ सकती हैं जंग!

इराक़ी सेना और कुर्द फ़ोर्स आमने-सामने, किसी भी समय छिड़ सकती हैं जंग!

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​​​​​​​इराक़ी सेना और स्वयं सेवी बलों की कार्यवाही के डर से, कुर्द लड़ाकों ने तेल से समृद्ध शहर किरकूक की घेराबंदी करना शुरू कर दी है।

शुक्रवार को इराक़ी कुर्दिस्तान इलाक़े के प्रमुख मसूद बारेज़ानी के एक निकट सहयोगी ने बताया कि भारी हथियारों से लैस पीशमर्गा फ़ोर्स के हज़ारों लड़ाकों ने किरकूक के आसपास मोर्चा संभाल लिया है।

अल-जज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक़, बारेज़ानी के निकट सहयोगी हेमिन हवरामी का कहना है कि कुर्द लड़ाके हर क़ीमत पर बचाव करेंगे।

एपी न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, किरकूक में क़रीब 6,000 कुर्द लड़ाकों को तैनात किया गया है।

इराक़ी कुर्दिस्तान के अधिकारियों ने इराक़ी सेना पर आरोप लगाया है कि वह तेल से समृद्ध इलाक़े किरकूक पर चढ़ाई करने के लिए बड़ी संख्या में सैनिकों को जमावड़ा कर रही है।

25 सितम्बर को कुर्दिस्तान में इराक़ से अलग होने के लिए कराए गए जनमत संग्रह के आयोजन के बाद से बग़दाद और अरबील के बीच तनाव में वृद्धि हुई है।

इराक़ी सरकार और पड़ोसी देशों के कड़े विरोध के बावजूद, कुर्दिस्तान के प्रमुख बारेज़ानी ने कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह का आयोजन कराया था।

इराक़ी कुर्दों का दावा है कि इराक़ी सेना और स्वयं सेवी बल किरकूक के शिया तुर्कमन बाहुल इलाक़ों में सैनिकों का जमावड़ा कर रहे हैं, ताकि किरकूक पर निंयत्रण कर सकें।

सूत्रों का कहना है कि इराक़ी सैनिक कुर्द पीशमर्गा फ़ोर्स के ठिकानों से केवल 2 या 3 किलोमीटर की दूरी पर पहुंच गए हैं।

इस स्थिति से कुर्दिस्तान इलाक़े का शासन बहुत चिंतित है। कुछ कुर्द किरकूक को अपना येरुश्लम (बैतुल मुक़द्दस) बता रहे हैं और उनका दावा है कि वह किसी भी हालत में किरकूक से अपना क़ब्ज़ा नहीं छोडेंगे।