कट्टर हिंदूवादियों के राज में दीवाली के पटाख़े चलाने पर प्रतिबन्ध : ऐसा तो मुग़ल साशन में भी नहीं हुआ !

कट्टर हिंदूवादियों के राज में दीवाली के पटाख़े चलाने पर प्रतिबन्ध : ऐसा तो मुग़ल साशन में भी नहीं हुआ !

Posted by

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और उससे लगे इलाकों में दीवाली के मौके पर पटाखों की बिक्री और चलने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है| दीवाली वैसे तो दीपों को उत्सव है, इस त्यौहार को दीपोत्सव कहा जाता है| पटाखों से ऊँची आवाज़ और वायु प्रदुषण होता है, यह प्रदुषण साल भर होने वाले अन्य माध्यमों से कई गुना ज़ियादा होता है, दिल्ली में दीपावली की रात की करोड़ों रूपए के पटाखे चलते थे, जिनसे होने वाले प्रदुषण से वहां की जनता को कई दिनों तक साँस लेने में परेशानी आती थी|
बीजेपी की कई राज्य सरकारों ने भी दीवाली के अवसर पर पटाखों पर प्रतिबन्ध लगा दिया है| यह प्रतिबन्ध बड़े शहरों में तो सही है पर एक साल बाद आने वाले त्यौहार पर कुछ और इंतिज़ाम भी किये जा सकते थे जो सरकार ने नहीं किये, उसमे आवाज़ करने वाले पटाखों को बहार कर, फुलझड़ी, चकई, लहटु जैसी चीज़ों को बहार रखा जा सकता था, साथ ही बिना प्रदुषण वाले पटाखे भी बनवाये जा सकते थे| बता दें कि 760 सैलून तक भारत में मुस्लिम राजाओं का राज रहा मगर उस समय कभी भी किसी के धार्मिक त्यौहार पर कोई पाबन्दी नहीं लगाई गयी, मुग़लों के राज में धार्मिक त्योहारों को हुकूमत खुद मानती थी, जो भी राजा होता था वह महलों में दीप जलवाता था, प्रजा के बीच जा कर उनका हाल जनता था, उनकी खुशियों में शामिल होता था, मुग़ल साशन में दिल्ली की दीवाली की रौनक देखने लायक होती थी|

अंग्रेज़ों के समय भी कभी कोई पाबन्दी नहीं लगाई गयी, अब जबकि भारत में कट्टर हिंदूवादियों की सरकार है तब उसके समय में हिन्दुओ के त्यौहार पर पाबन्दी लगाई जा रही है|

Jay®‏
@Saffron_Rocks
Follow Follow @Saffron_Rocks
More
भाजपा को वोट देकर हिंदू खुदको
एकबार फिर ठगा महसूस कररहा है।भाजपा जबभी शासन सत्ता में आती है हिन्दू वोटो से आती फिर घोर सेकुलर होजाती है।