चौंकाने वाला राज़ : एक और बेटी व मां को भी ट्रेन से फेंका गया था!

चौंकाने वाला राज़ : एक और बेटी व मां को भी ट्रेन से फेंका गया था!

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सीतापुर जनसेवा एक्सप्रेस से तीन बहनों को फेंकने के मामले में कुछ और चौंकाने वाले राज खुले हैं। पता चला है कि एक और बेटी व मां को भी ट्रेन से फेंका गया था। बुधवार को बहनों की मां का शव लखीमपुर खीरी के मैगलंगज क्षेत्र की खखरा क्रासिंग के पास से मिला है। चौथी बहन लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती है। वह महमूदाबाद में मिली थी।

मंगलवार को सीतापुर के रामकोट क्षेत्र में भवानीपुर और गौरा गांव के पास अल्बुन खातून (आठ) व सलीना खातून (पांच) घायल अवस्था में मिली थीं। फिर मानपुर क्षेत्र के रमईपुर हॉल्ट के पास बालिका का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त अल्बुन ने अपनी बहन मुनिया के रूप में की थी। इनके परिवारीजन की तलाश के लिए लखीमपुर जीआरपी की एक टीम को मोतिहारी भेजा गया। इस बीच बुधवार को एक बच्ची के लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती होने की जानकारी मिली। उसकी पहचान अल्बुन ने अपनी बहन रब्या (12) के रूप में की, वहीं मैगलगंज के खखरा गांव के पास एक महिला का शव मिला। उसे भी बच्चियों ने अपनी मां अब्लीना खातून के रूप में पहचाना।

इस तरह मिला घर का पता
इन बहनों के परिवार तक पहुंचने के लिए जीआरपी ने बिहार के सत्येंद्र कुमार को बुलाया। वह सीतापुर के नैपालापुर में काम करता है। सत्येंद्र ने बच्चियों से बिहारी भाषा में बात की तो बच्चियों ने कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने अपने शिक्षकों का नाम कलाम, मुन्ना व चंदन बताया। फिर सीओ जीआरपी अशोक ङ्क्षसह ने एसपी मोतिहारी व बेतिया से संपर्क किया। शिक्षकों के नाम के आधार पर यह पता चला कि बच्चियां बेतिया जिले के हरखोरवा कस्बे के प्राइमरी स्कूल में पढ़ती हैं। वे अपने ननिहाल पास के गांव झखरा में रहकर यहां पढ़ाई कर रही थीं।

ट्वीट से रब्या तक पहुंची जीआरपी
मंगलवार को महमूदाबाद के गुलरामऊ गांव रेलवे क्राङ्क्षसग के पास रब्या घायलावस्था में मिली थी। उसे पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया था। फिर उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया था। ट्रामा सेंटर के फार्मासिस्ट विवेक कुमार शुक्ल ने यूपी पुलिस को रब्या की तस्वीर ट्वीट की। तो जीआरपी को जानकारी हुई और फिर सीतापुर में भर्ती अल्बुन ने उसे बहन के रूप में पहचाना।

ट्रेन से फेंकी गई बच्ची की हालत गंभीर
जनसेवा एक्सप्रेस से फेंकी गई बच्ची की हालत गंभीर है। देर रात उसे लखनऊ के केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। यहां चौबीस घंटे बाद भी होश नहीं आया है। विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि एक्स-रे व सीटी स्कैन जांच कराई गई है। इसमें नोजल बोन (नाक की हड्डी) टूट गई है। वहीं होंठ, माथे व चेहरे में कई चोटें हैं। सिर में चोट लगने से अंदरूनी ब्लीडिंग हो गई है। फिलहाल सर्जरी करने का प्लान नहीं है।

Dastan E Jurm