जो इस्लाम पानी बहाने की इजाज़त नहीं देता वो खून बहाने की इजाज़त कैसे देगा!

जो इस्लाम पानी बहाने की इजाज़त नहीं देता वो खून बहाने की इजाज़त कैसे देगा!

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दुनिया में इस्लाम को लेकर एक अलग ही धारणा बनी हुई है ! इस्लाम को बहुत ही क्रूर दिखाया जाता है जबकि ये है नहीं ! विचार करो कि जो इस्लाम सुबह की पहली फज़र की नमाज़ के समय के लिए हुक्म देता है कि वजू करते हुए 2 बूँद पानी भी ज़मीन पर नहीं गिरना चाहिए ! यानि जो इस्लाम पानी बहाने की इजाजत नहीं देता वो खून बहाने की इजाजत कैसे देगा ?

दरअसल मुआमला कुछ ऐसा है कि इस्लाम की जानिब से जो दी गयी हैं उन्हें लोगों ने समझा ही नहीं ! इस्लाम के मूल इल्म को लोग यहाँ समझ ही नहीं पाए ! इस्लाम नफरत नहीं मोहब्बत सिखाता है ! कुरआन में इसका साफ़ साफ़ ज़िक्र मिलता है कि इस्लाम अन्य मजहबों का सम्मान करना और भाईचारा सिखाता है ! अब गलत सीखकर कोई बुरा हो जाये तो इस्लाम को तो बदनाम नहीं किया जा सकता न !

#अरब_में_रहने_वाले_सब_मुस्लिम_नहीं_हैं
ये भी एक प्रकार की गलत धारणा या भ्रान्ति ही है कि अरब में जो लोग रहते हैं वो सब के सब मुस्लिम ही हैं ! जबकि असल में ऐसा नहीं है ! यहाँ रहने वालों में इसाई, बौद्ध, यहूदी, एथेस्ट भी शामिल हैं ! हाँ ये जरुर है कि रहने वालों में मुस्लिम आबादी ज्यादा है !

#इस्लाम_मक्का_और_मोहम्मद (सल्ल°) को पूजने की इजाजत नहीं देता
ये सुनकर आपको और मुसलमानों को थोडा आश्चर्य भी होगा कि मैं किस तरीके की बात कर रही हु लेकिन सच यही है ! चूंकि इस्लाम में सलल्लाहू अलेह वसल्लम पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब इस्लाम के आखरी नबी है तो जाहिर सी बात है वो मुसलमानों के लिए आदरणीय है लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती क्योकि कुरआन फरमाती है कि अल्लाह के सिवा अगर किसी और को पूजा तो वो शिर्क (इस्लाम में एक तरह का पाप) है ! इस्लाम में मोहम्मद साहब और मक्का को माना तो जाता है लेकिन पूजा नहीं जाता !

#अल्लाह_हू_अकबर_को_लेकर_है गलत धारणा
इस पाक कहन को लोगों ने आतंक से जोडकर ही देखा है और वो इसे सुनकर डरते हैं जबकि असल में अल्लाह-हू-अकबर का मानी होता है कि ‘अल्लाह महान है’ इस्लाम के अनुसार मुस्लिम लोग खुद की चिंता और दुःख में संभल लेने के लिए इस वाक्य को कहते हैं !

#यीशु_के_लिए_इस्लाम_में_हैं खास जगह
जी हाँ हम यहाँ ईसाईयों के मसीहा जीसस की ही बात कर रहे हैं ! मोहम्मद साहब के मकबरे में पास ही यीशु के लिए एक विशेष जगह रखी गयी है और ऐसा कहा जाता है कि जब एक दिन यीशु लौटकर आयेंगे तो उन्हें यहीं दफनाया जायेगा !

#बुर्का_और_हिजाब_को_लेकर_भ्रांति
यहाँ बुर्के को लेकर कभी भी बवाल बन जाता है ! इसके बारे में ऐसे समझे कि बुर्के या हिजाब का मानी होता है खुद को ढकना लेकिन कहीं भी इस्लाम में ऐसा नहीं है कि मुस्लिम महिलाएं इसको पहनने के लिए बाध्य ही हैं ! वो कुछ भी पहन सकती हैं बशर्ते शरीर एक्सपोज न हो रहा हो उन कपड़ों से !

#शराब_और_सिगरेट_इस्लाम_में_हराम_है
इस्लाम अपने नुमाइंदों को शराब और सिगरेट पीने की इजाजत नहीं देता क्योकि ये स्लो पाइजन का काम करते हैं और इससे आप मर भी सकते हैं ! वहीँ इस्लाम में आत्महत्या को हराम बताया गया है और ये दोनों आत्महत्या के ही सामान है !

#गर्भपात_भी_इस्लाम_में_हराम_है
इस्लाम किसी को भी पेट में पल रहे बच्चे के भ्रूण को मारने या गिराने की इजाजत नहीं देता क्योकि बच्चे अल्लाह की नेमत होते हैं और अल्लाह की नेमतों के साथ ये सलूक नाकबूल है ! हाँ किसी ऐसी स्तिथि में जहाँ गर्भवती महिला की जान खतरे में तब इसे जायज ठहराया जाता है !

#मैरी_का_है_महत्व और मुस्लिमों ने यहूदियों को बचाया था
मैरी या जिसे आप मरियम के नाम से जानते हैं उनके जितना जिक्र और सम्मान ईसाई धर्म में आता है उससे कहीं ज्यादा बार कुरआन में आता है ! मुसलमानों ने दुसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजियों के अत्याचार से कई यहूदियों को बचाने के लिए अपनी जान तक दी है !

#इस्लाम_हिंसा_नहीं_चाहता
ये बात आज जान ही लो कि इस्लाम का हिंसा से कोई वास्ता नहीं ! इस्लाम का मतलब ही शांति है ! यहाँ तक कि मोहम्मद साहब के लिए वो लोग भी अजीज थे जो उन पर कचरा फेंका करते थे ! या तो आदमी हिंसक हो सकता है या फिर मुसलमान क्योकि मुसलमान हिंसक होता ही नहीं और उसे कुरआन ये सिखाती ही नहीं !

#मुस्लिम_महिलाएं अकेली यात्रा नहीं कर सकती
इसे लोग रूढ़ीवादिता से जोड़कर देखते हैं कि यहाँ ,महिला की स्वतंत्रता नहीं बल्कि अगर ऐसा है तो इसलिए कि महिला की सुरक्षा बनी रहे !इसलिए ही इस्लाम में औरत को अपने पिता,भाई या पति जैसे किसी के साथ सफ़र करना चाहिए ! कई मुस्लिम देश में तो महिलाओ के अकेले सफ़र न करने को लेकर खास कानून भी बने हैं !