दिल्ली : मेट्रो के बढ़े हुए क़िराये की वजह से 68.23% महिलाएं मेट्रो में नहीं कर पाएंगी सफर – सर्वे रिपोर्ट!

दिल्ली : मेट्रो के बढ़े हुए क़िराये की वजह से 68.23% महिलाएं मेट्रो में नहीं कर पाएंगी सफर – सर्वे रिपोर्ट!

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नई दिल्ली।दिल्ली महिला आयोग ने मेट्रो के बढ़े हुए किराये के मसले पर मेट्रो से यात्रा करने वाली 2,516 महिलाओं और लड़कियों पर सर्वे किया है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 68.23 प्रतिशत महिलाएं अब मेट्रो की जगह दूसरे संसाधनों से यात्रा करने को मजबूर होंगी। इन महिलाओं से बातचीत में पता चला है कि दूसरे संसाधनों से यात्रा करने पर वे असुरक्षित महसूस करेंगी। महिलाएं और लड़कियां दिल्ली मेट्रो को सुरक्षित परिवहन का साधन मानती हैं लेकिन किराया बढ़ने पर उन्हें बस, टैक्सी या ऑटो से यात्रा करनी पड़ेगी, जिसमें यात्रा करना उनके लिए मेट्रो की तरह सुरक्षित नहीं होगा।

डीसीडब्ल्यू के सर्वे में मेट्रो से यात्रा करने वाली 96.26 प्रतिशत महिलाओं ने बढ़े हुए किराये का विरोध किया है। जबकि 2.26 प्रतिशत महिलायों ने समर्थन किया और 1.47 प्रतिशत महिलाओं ने इस पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। जबकि 61.57 प्रतिशत महिलाओं ने कहा है कि मेट्रो का किराया बढ़ने से उनके महीने के खर्चे में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनको काफी परेशानी होगी। दिल्ली महिला आयोग ने अपने सर्वे के लिए आयोग की टीम को लगाया था। जिन्होंने एक दिन में 36 स्टेशनों पर जाकर यह सर्वे किया है।

इस मामले पर आयोग की अध्यक्ष स्वाति जय हिंद ने कहा कि दिल्ली में रोजाना 6 महिलाओं के साथ रेप होते हैं। हर रोज महिलाओं के साथ छेड़खानी, उनकी पीछा करने शिकायतें आती हैं। ऐसी स्थिति में लड़कियां और महिलाएं मेट्रो को एक सुरक्षित परिवहन का साधन मानकर मेट्रो से यात्रा करती हैं। लेकिन मेट्रो का किराया बढ़ने पर लड़कियों व महिलाएं दूसरे संसाधानों से यात्रा करने को मजबूर होंगी। जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में मैं केंद्र सरकार से फिर से अपील करती हूं कि वह इस महिला विरोधी फैसले को वापस लें।