पहचानो “वह” कौन है, बताओ “वह” कौन है ???

पहचानो “वह” कौन है, बताओ “वह” कौन है ???

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Suryansh Mulnivashi
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• वह दान-दक्षिणा लेता, परन्तु किसी अन्य को दान-दक्षिणा नहीं देता है।
• वह हर किसी को आशीर्वाद देता, परन्तु किसी से आशीर्वाद नहीं लेता है।
• वह किसी को भी प्रणाम नहीं करता, परन्तु अन्य सभी से स्वयं को प्रणाम करवाता है।
• वह किसी के सामने नतमस्तक नहीं होता, परन्तु अन्य सभी को स्वयं के समक्ष नतमस्तक होने के लिए बाध्य करता है।
• वह स्वयं भिक्षा लेता, परन्तु किसी गरीब को भी भिक्षा नहीं देता है।
• वह स्वयं किसी का भी पैर कभी नहीं पुजता, परन्तु अन्य सभी से अपना पैर पुजवाता है।
• वह किसी की भी हत्या करें तो उसे कोई पाप नहीं लगता, परन्तु अन्य कोई भी उसकी हत्या करें तो हत्यारे को महापाप लगता है।
• वह किसानों जैसे खेती नहीं करता, अन्न नहीं उपजाता, परन्तु सबसे उच्च स्तर का बढ़िया अन्न खाता है।
• वह गौ पालक नहीं, गाय की सेवा नहीं करता, परन्तु गाय का शुद्ध घी-दूध का सेवन करता और स्वयं को सबसे बडा गौ भक्त कहता है।
• वह समाज में धर्म के नाम पर दंगा फसाद करवाता, परन्तु स्वयं कभी जान नहीं देता, कभी मरता नहीं है।
• वह स्वयं तो 100 % शिक्षा ग्रहण करता, परन्तु अन्य को शिक्षित होने से रोकता है।
• वह स्वयं अपनी बेटी और वोट किसी को भी नहीं देता, परन्तु अन्य सभी की बेटी और वोट पर नजर गड़ाए रखता है।
• वह अपना झंडा दुसरो से उठवाता ओर स्वयं की जय जय कार करता है।
• वह कभी परिश्रम नहीं करता, कभी मेहनत नहीं करता, परन्तु वह जीवन में सभी वस्तुओं और सुखों का भरपूर उपभोग करता है।
• वह स्वयं कट्टर जातिवादी और समाज में उच्च बने रहना स्वयं का जन्म सिद्ध अधिकार समझता है, परन्तु अन्य सभी को निचा और हेय मानता और जाति वादी होने का तोहमत भी लगाता है।
• वह स्वयं तो अंग्रेजी और विज्ञान पढता, परन्तु अन्य सभी को अंधविश्वास, रूढ़िवादिता, धर्मांधता, संस्कृत के जाल में फंसाए रखना चाहता है।
• वह संख्या में बहुत ही कम है, परन्तु देश के शासन व्यवस्था, राजनीति, शिक्षा, मिडिया और न्यायपालिका पर उसका लगभग एकाधिकार है।
• वह स्वयं संगठित रहता, परन्तु शेष सभी को हजारों जातियों में बांट कर सदियों से शासन करता रहा और आज भी कर रहा है।
बताओ “वह” कौन है ???