भुखमरी : 119 देशों में भारत 100वें नम्बर पर, पाकिस्तान, नेपाल, इराक़, नार्थ कोरिया, बांग्लादेश, मयंमार भारत से अच्छे!

भुखमरी : 119 देशों में भारत 100वें नम्बर पर, पाकिस्तान, नेपाल, इराक़, नार्थ कोरिया, बांग्लादेश, मयंमार भारत से अच्छे!

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Syed Salman Ahmad
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देश का इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि आज़ादी के 70 साल बाद आज भी देश की पूरी आबादी को भोजन नसीब नहीं होता। इंटरनेशनल फ़ूड पॉलिसी ने अपने नए अध्ययन में बताया है कि हिंदुस्तान में 45.5% बच्चे ऐसे हैं जिन्हें भरपेट खाना नसीब नही होता। पिछले 70 सालों में हर सरकारों ने गरीबों का इस्तेमाल किया और उनकी पीठ पर सवार होकर सत्ता तक छलांग लगाई है। जो बदस्तूर आज भी जारी है।

आप भारत का नक्शा उठाकर उसके किसी कोने से किसी राज्य की सूरत को निहारिये। आपको हर जगह भूखा, नंगा कराहता इंसान नज़र आएगा। और अगर आपको नज़र नहीं आ रहा है तो हे जहांपनाह, हे पीरों के पीर फकीरों के फकीर, हे हाकिमों के हाकिम, हे भारत के सम्राट, हे भारत के शहंशाह, रात के सन्नाटे में आप अपने 7 रेसकोर्स के मुंडेर पर चढ़कर सांस लेने की कोशिश कीजिये, आपको हिंदुस्तानी फ़िज़ा में भूख से मरे लाशों की दुर्गंध महसूस होगी। आपको सिसकती हुई एक आवाज़ सुनाई देगी, भूख लगी है रोटी दो, प्यास लगी है पानी दो।

एक रिसर्च में मुताबिक आज भी भुखमरी में दुनियाभर के 119 देशों की सूची में भारत 100वें नम्बर पर है। रिसर्च में यहां तक बताया गया है कि पूरी दुनिया मे जितने भी भुखमरी और गरीबी के शिकार लोग हैं, उसका एक चौथाई हिस्सा भारत मे रहता है। नतीजा ये है कि भुखमरी और गरीबी ने भारत को कुपोषण के मामले में अफ्रीकी देशों से भी बदतर स्थिति में लाकर पटक दिया है। आप इस बात से खुश हो सकते हैं कि इस मामले में भारत की स्थिती पाकिस्तान और अफगानिस्तान से बेहतर है।

एक वक्त में बांग्लादेश में भूखमरी और कुपोषण से शिकार लोगों का प्रतिशत भारत से भी ज्यादा हुआ करता था। लेकिन नई रिपोर्ट में बांग्लादेश ने भारत को आईना दिखाते हुए अपनी स्थिती भारत से बेहतर कर ली है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट ने कहा है कि आज कुपोषण से शिकार लोगों का प्रतिशत भारत मे सबसे ज़्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल (72), बांग्लादेश (88), चीन (29), म्यांमार (77) और श्रीलंका (84) जैसे पड़ोसी देशों से भी ज्यादा लोग भारत में ‘दो जून की रोटी को मोहताज’ हैं। नार्थ कोरिया जैसा देश भी 93 वें पायदान पर है। यहां तक की ईराक जैसे देश की स्थिती भी भूखमरी में भारत के मुकाबले बेहतर है।
रिपोर्ट का कहना है कि भारत की स्थिति उच्च श्रेणी के सबसे ‘गंभीर मामलों’ मे से है और अन्य पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत की स्थिति खतरनाक है। यहां हर 5 में से एक बच्चा कुपोषित है। IFPRI का कहना है कि भारत पूरे एशिया में तीसरे पायदान पर है।

यूनेस्को भी अपने रिपोर्ट में कह ही चुकी है कि भारत दुनिया का सबसे कुपोषित देश है। मगर इतनी दर्दनाक तस्वीर के बाद भी किसी गाय के मार दिए जाने पर सड़क से लेकर संसद तक और टीवी से लेकर अखबार तक हंगामा सिर्फ हिंदुस्तान में ही संभव है।

दम तोड़ती भारत की तस्वीर को देखकर किसी देशभक्त और राष्ट्रवादी टाइप लोगों के दिल मे बेचैनी के पंख नहीं फड़फड़ाते। मतलब भांड़ में जाये देश, भांड़ में जाये जनता, भांड़ में जाये समाज, भांड़ में जाये किसान, भांड़ में जाये इंसान, भांड़ में जाये विज्ञान, भांड़ में जाये ईमान। और अगर किसी ने इसके बारे में सोचा तो कॉलर धर के देशद्रोही का पट्टा पहना दिया जाएगा।

इस देश की विडंबना देखिये कि गरीबों की रहनुमाई का दावा करने वाले, बड़े बड़े पांच सितारा होटल में ठाठ-बाट से बैठकर राजशाही अंदाज़ में गरीबों पर हमदर्दी जताएंगे, भूखों की बात मसालेदार भोजन का चटकारा मारते हुए करेंगे, नंगों की बात हीरे जवाहरात, सोने चांदी से सजी पोशाक पहनकर करेंगे। प्यासों की बात बोतलबंद पानी को होठों से लगाते हुए करेंगे। पैदलों की बात कॉन्फ्रेंस हॉल से लिफ्ट में जाते हुए करेंगे। बेघरों की बात आसमान में तैरती गगनचुम्बी इमारतों में बैठकर करेंगे। और अंधेरों की बात तरह तरह की लाइट्स में जगमगाती रौशनी वाले हॉल से करेंगे। इसके बाद भी आप भारत को महान नहीं कहते तो आप सबसे बड़े वाले हैं। मतलब समझें बड़े वाले देशद्रोही।