महान संत गुरमीत सिंह की गुफ़ा को पर्यटन सूची में लिया जा सकता है : देखें कार्टून!

महान संत गुरमीत सिंह की गुफ़ा को पर्यटन सूची में लिया जा सकता है : देखें कार्टून!

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Abhimanyu Thakur
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आधार जरूरी हो सकती है।
मगर आधार से ज्यादा इस परिवार को आहार की जरूरत थी।
ये गरीब परिवार किस जाति के है मुझे पुरा विश्वास है कि आरक्षण मिलने वाली जाती के होगे सारी सुविधा इन गरीब के लिए ही बनती आ रही है और आगे भी बनती रहेगी फिर ऐसी हालत मे कैसे जी रहा है इनका परिवार की भात भात करते हुए बच्चे की मौत हो गई कहा है वो नेता जो देश आजादी के 70 वर्ष हो गये गरीब दलित आदिवासी के नाम पे रा जनीतिक के रोटियां सेक कर खुद तो अमीर बनते चले गये और जो गरीब है वो भात भात करते मर रहे है।
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Imran Shaikh Halla Boll भैय्या इतने डरे क्यूँ हो ये तो बतायो अभी road के नामः बदले थे तब आप कहा थे ताज mahal RSS ने बनवाया क्या गाय के नाम पे १०० से ज़्यादा मुस्लिम को मार दिया तब आपकी आवाज़ कहा थी
दलितों मुस्लिमों मजलूमो के ऊपर रोज़ अत्याचार हो रहा है तब आप कहा थे democracy नाम koe cheese होती है
रही बात congress मुक्त की तो वो तुम लोगों की बस की नहीं है
भजप ने बस ३ cheese ही किया है
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सहेली नीलू खान
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भारत एक दुल्हन की तरह है और हिंदू, मुसलमान दुल्हन की दो खूबसूरत आंखों की तरह अगर एक आँख भी ख़राब हो गयी तोह दुल्हन बदसूरत दिखेगी-
(Sir Syed Ahmed Khan sahab )
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चौधरी साब
14 hrs ·
“ताजमहल गद्दारो ने बनवाया था और ये संस्कृति पर कलंक है” गटर जैसे मुहं से जिस हिंदी भाषा मे ये वाक्य बोले गए वो भाषा ईरानी आक्रमणकारियों की ईज़ाद थी, इससे पहले यहां ज्यादातर ब्रज भाषा बोली जाती थी,
ऐतिहासिक प्रमाणों से पता चलता है सिंधु के परिवर्तनस्वरूप हिन्दू नाम अस्तित्व में आया और हिन्दू से बना हिंदी, ईरानी लोग हिंदी को इंडि बोलते थे जिससे “इंडिया” नाम अस्तित्व में आया… बाद में ओर बहुत सारे मुल्ले आक्रांता आये और उन्होंने “हिंदुस्तान” जैसे शब्द बलात्कार कर कर के पैदा किये, जैसे आधुनिक दौर में विकास जैसे शब्द पैदा किये जा रहे हैं।
भक्तों को एक बात का पता नही होगा कि 21 वी शताब्दी से पूर्व के बॉलीवुड गानो को गाना नही नगमा कहा जाता है, और वो शुद्ध पाकिस्तानी राष्ट्रभाषा में होते हैं, यहां तक गुलशन कुमार और मोहम्मद रफी द्वारा गाये गए भजन जिन्हें सुबह शाम मंदिरो में बजाया जाता है सब पाकिस्तानी भाषा मे हैं। दिलचस्प बात तो ये है कि जो बॉलीवुड गानें वो आजकल सुनते रहते हैं उनमें 90 प्रतिशत गाने पाकिस्तान की गद्दार भाषा मे होते हैं अगर भक्तों के पूर्वजनो की भाषा मे इनका अनुवाद किया जाए तो “हम तेरे बिन अब रह नही सकते तेरे बिना क्या वुजूद मेरा” का ब्रज अनुवाद “अपि तोरा बिगेर वर्त जी नाहीं सकत तोरा बिगेर कवि अस्तित्व नाहीं मोरा” होगा,। (आप तुलसीदास की भाषा से इसका ओर अच्छा अनुवाद कर सकते हैं)

दिल्ली और यूपी के 90 प्रतिशत भक्त पाकिस्तान की राष्ट्रभाषा बोलते हैं और वो इसलिए बोलते हैं ताकि पाकिस्तान को उसकी भाषा मे जवाब दिया जा सके…
बात का सार ये है हिंदुस्तानियों के पास अपना दिया कुछ नहीं है सिवाए खुजराहों मंदिर के, या फिर अजन्ता अलोरा गुफा के, हालांकि महान संत गुरमीत राम रहीम की गुफा को भी पर्यटन सूची में लिया जा सकता है।
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Omprakash Chouksey
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*एक मेसेज आया*
कृपया इस *दीवाली पर दीपक में तेल डालकर तेल बर्बाद ना करें ।* वो तेल किसी *गरीब को दे दें* जिससे वो भी *पूरी भजिये* बना के *दीवाली* मना सके ।
🙏🙏🙏🙏🙏
इस मेसेज को पढ़कर मैं *भावुक* हो गया हूँ और इससे *इंस्पायर* होकर मैंने डिसाइड किया है कि…….
इस बार *पांच दीपक कम लगाउँगा* और उस🏌 तेल को *लठ्ठ* पे लगा के रखूंगा और इस तरह के मेसेज भेजने वालों को इसी 🏌लठ् से हैप्पी दीवाली बोलूंगा ।
*साला सारे ज्ञान का एक्सपेरीमेन्ट हिन्दू त्योहारों पर ही करोगे ।*
HAPPY DEEPAWALI 🌷🌷🙏🙏
😂😂😂😂🤓🤓
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Sunil Kumar Singh आप इनको इतना ज्यादा भाव देकर प्रचार पाने का मौका क्यो देते हो ? मुझे नही लगता कि इनको थोड़ा भी तवज्जो देने की जरूरत है । संघ के लोग तो अपने स्थापना से ही इस तरह के कई झूठ अफवाह फैलाते रहे है । कई बार सरकार आधिकारिक तौर पर इस तरह के अफवाहों को खारिज भी कर चुकी है ।