मोदी के ख़िलाफ़ बोला CRPF जवान, ”मोदी ने पूरे देश को गुमराह किया है” ‘नहीं खिलने देंगे कमल’ – वीडियो

मोदी के ख़िलाफ़ बोला CRPF जवान, ”मोदी ने पूरे देश को गुमराह किया है” ‘नहीं खिलने देंगे कमल’ – वीडियो

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नई दिल्ली | गुजरात, हिमांचल प्रदेश के चुनाव सर पर हैं, उधर बीजेपी की मुसीबत दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं| आर्थिक मोर्चे नाकाम मोदी सरकार खुद बीजेपी नेताओं के निशाने पर है, महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की आत्महत्या पर घिरी मोदी सरकार के लिए एक और मुसीबत इन दिनों सोशल नेटवर्किंग साइट पर वायरल हो रही है. तेज बहादुर यादव के बाद सीआरपीएफ का एक और जवान ने सुरक्षा बलों में असमानता और बदहाली का हवाला देते हुए मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उसने अपनी मांगों को उठाते हुए देश में कमल न खिलने की चेतावनी दी है. बीते दिनों सुकमा में नक्सली हमले को लेकर सीआरपीएफ के जवान पंकज मिश्रा ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की आलोचना ​की थी.

वीडियो के जरिए उसने जवानों के हालात को लेकर उन पर निशाना साधा था. एक बार फिर सीआरपीएफ के इस जवान ने एक वीडियो तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को चेतावनी दी है. अपने फेसबुक एकाउंट पर उसने यह वीडियो पोस्ट किया है. इस वीडियो में जवानों की बदहाली से जुड़ी मांगों को लेकर उसने 21 दिनों की भूख हड़ताल का ऐलान किया है.

इस सीआरपीएफ जवान ने कहा है कि सुकमा कांड के बाद राजनाथ सिंह की निंदा की थी. केंद्रीय मंत्री की आलोचना को लेकर उस पर हुई ज्यादती का भी आरोप उसने इस वीडियो में जिक्र किया है. उसने इसमें कहा है कि उसके बाद उसे पीटा गया. इस वीडियो में वह कहता नजर आ रहा है कि राजनाथ सिंह जी ये क्या करवा रहे हो? आपको इतनी ही शर्म आती है तो आप बताएं कि आपने अभी तक अपने कार्यकाल में क्या किया है?

सीआरपीएफ जवान ने गृहमंत्री ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया है. उसने राजनाथ के साथ ही उन पर भी सवाल दागा है कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया है? वह कहता नजर आ रहा है-‘समझ में नहीं आता कि वे प्रचार मंत्री हैं या पर्यटन मंत्री. उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने पूरे देश को गुमराह किया है. राष्ट्र को धोखा दिया है.

पंकज मिश्रा ने अपने वीडियो के जरिए इन दोनों को राष्ट्र से माफी मांगने की बात कही है. अपने वीडियो में उसने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाए हैं. उसने कहा है कि न्यायपालिका तीन तलाक पर फैसला दे सकती है, शादी से पहले सेक्स पर फैसला दे सकती है. रिजर्वेशन और देश में अंग्रेजी की अहमियत जैेसे मुद्दे पर भी न्यायपालिका से कोई फैसला न देने की बात कही है. आगे उसने सेना में भी उसके दखल न देने पर सवाल दागा है. सेना के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज नहीं करती, न्यायपालिका दखल नहीं देती और विधायिका सुनती नहीं. ऐसे में वो कहां जाएं?

देश के सिस्टम में अंग्रेजी की अहमियत को लेकर उसने इस वीडियो में सवाल उठाया है कि आजादी के 70 साल बाद भी सैन्य ढांचा में अंग्रेजी कानून क्यों मौजूद हैं? इसके साथ ही उसने सिस्टम बदलने और समानता के अधिकारों की मांग करते हुए इस वीडियो को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए 21 दिन की भूख हड़ताल करने की बात भी कही है. इतना ही नहीं उसने अपनी मांगों के पूरा न होने पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कीचड़ में भी कमल न खिलने देने की चेतावनी दी है. सुरक्षा बलों में बदहाली को लेकर दो अन्य वीडियो अपलोड किए हैं. इसमें जवानों को परोसे जाने वाले खाने और उनके रहने की जगह दिखाई गई है. अपने फेसबुक एकाउंट पर उसने इन सभी मांगों का भी लिखित जिक्र किया है.