खड़े होकर पानी पीने से आर्थराइटिस जैसी बीमारी भी हो सकती है!

खड़े होकर पानी पीने से आर्थराइटिस जैसी बीमारी भी हो सकती है!

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‎नीलोफर अनवर‎
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इस्लाम में पानी खड़े हो कर पीने के लिए मना किया गया है. साफ हुक्म है कि, पानी तीन सांस में पिए यानी पानी मुंह में जाने के बाद गिलास या बर्तन मुंह से दूर कर ले और मुंह कि हवा बाहर निकलने दे. जिसमे बोतल या गिलास मुंह के ऊपर कर धार बना कर पीना तो हराम है. अगर आप पानी गलत तरीके से पीते हैं तो ये आपके सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

ज्यादातर लोग खड़े होकर ही पानी पीने लगते हैं लेकिन पानी पीने का यह तरीका सेहत के लिए सही नहीं है. खड़े होकर पानी पीने से किडनी संबंधी समस्या और आर्थराइटिस जैसी बीमारी भी हो सकती है.

जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं तब पानी तेज धारा के साथ फूड पाइप के जरिए तेजी से नीचे बहता है, जिससे पेट की दीवार और आस-पास के अंगों को चोट पहुंचती है.

ऐसा अगर बार-बार होता है तो इससे पाचन तंत्र की फंक्शनिंग प्रभावित होती है. जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं तो पानी का बहाव काफी तेज होता है जिस वजह से पानी बिना किडनी से छने सीधे बह जाता है

पानी न रूक पाने की वजह से किडनी और मूत्राशय में गंदगी रह जाती है जिससे मूत्रमार्ग में संक्रमण या फिर किडनी की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है. और शरीर के जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे आर्थराइटिस की समस्या जन्म लेती है. इसलिए पानी बैठ कर गिलास मुंह से लगा कर तीन सांस में ही पिए. इस्लाम सबके लिए निजात, मुक्ति का जरिया है.
नीलोफर अनवर