जन्म के कुछ देर बाद ही नवज़ात को पॉली बैग में भरकर मरने के लिए फेंक दिया!

जन्म के कुछ देर बाद ही नवज़ात को पॉली बैग में भरकर मरने के लिए फेंक दिया!

Posted by

इंदौर। रतलाम के जावरा में नाली किनारे पड़े प्लास्टिक बैग को खोलते ही लोगों के होश उड़ गए। थैली के भीतर राख से लथपथ एक नवजात थी। किसी निर्दयी ने जन्म के कुछ देर बाद ही इसे कचरे की तरह पॉली बैग में भरकर मरने के लिए फेंक दिया था। जन्म देने वाले तो उसे मारना चाहते थे, उसकी किस्मत में जिंदगी लिखी थी। मासूम जिला अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।

– जावरा के इकबालगंज निवासी राकेश चावरे ने बताया कि मैं घर से स्टेशन रोड तरफ जा रहा था। थोड़ी दूर सुनसान गली में नाली किनारे किसी के रोने की आवाज सुनाई दी। आसपास कोई नहीं दिखा। गली में पड़ी पॉलीथिन में कुछ छटपटा रहा था। पास गया तो उसी में से आवाज आ रही थी।

– मैंने तत्काल मोहल्लेवालों को बुला या और बैग खोला। बैग के भीतर जो दिखा उसने हमारे होश उड़ा दिए। बैग में राख के बीच एक मासूम तड़प रही थी। हमने तत्काल टॉवेल से राख साफ की और अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉ. अजयसिंह राठौर ने बच्ची की हालत देख उसे भर्ती कर लिया और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम पाटीदार को जानकारी दी। उन्होंने चेकअप के बाद इलाज शुरू किया। इससे उसकी जान बच गई।

– डॉ. पाटीदार के मुताबिक मासूम 8 माह के गर्भ से पैदा हुई। उसके साथ प्लासेंटा (नाल) जुड़ी थी, इससे स्पष्ट है किसी ने जन्म के आधे घंटे के अंदर ही फेंक दिया। उसका वजन 2 किलो है। अभी वह स्वस्थ है। धड़कन सही चल रही है, लेकिन राख व गंदगी में मिली होने से संक्रमण का खतरा है। एनआरसी में केयर कर रहे हैं।

दो लड़कियां वहां से निकली थी, उन पर आशंका है
– गली में रहने वाली गजरी अम्मा ने बताया कि घटना के आधे घंटे पहले 22 से 25 साल की दो लड़कियां यहां से गुजरी थीं। उन्होंने पल्लू से सिर ढंक रखा था और हाथ में कुछ लेकर आई थी। बाद में वे कहां चली गईं मैंने नहीं देखा। ऐसा लगता है कि उन्हीं ने मासूम को फेंका होगा। एसडीएम शिराली जैन ने बताया बच्ची का इलाज चल रहा है। पुलिस से इसके परिजन के बारे में पता करवाएंगे। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।