‘भगवतीलाल’ 11 साल तक करता रहा बेटी से दुष्कर्म, अब बन गयी पिता के बच्चे की माँ!

‘भगवतीलाल’ 11 साल तक करता रहा बेटी से दुष्कर्म, अब बन गयी पिता के बच्चे की माँ!

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भोपाल। जैसा समाज चाहो बन सकता है, ज़रूरत होती है लोगों को इंसानियत का पाठ पढ़ने की, कहते हैं खानदान बच्चे का पहला स्कूल होता है, बच्चा अच्छा और बुरा अपने घर परिवार से सीखता है| जब घर का माहोल ख़राब होगा तो बच्चे के संस्कार भी बुरे हो जाते हैं और जब बुराई अंदर दाखिल हो जाये तो वह हमेशा बनी रहती है |

मध्‍य प्रदेश में रिश्‍तों को शर्मसार करने वाली एक घिनौनी वारदात सामने आई है। यहां के मंदसौर में एक पिता ने 15 साल की अपनी मुंहबोली बेटी से 11 साल तक बलात्‍कार करता है। उसकी दरिंदगी तब सामने आई जब लड़की ने एक बेटी को जन्‍म दिया। उसने आरोपी से पैदा हुई बेटी को नाम देने को कहा तो उसने उसे घर से निकाल दिया। उसके बाद लड़की मासूम सी बच्‍ची को लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंची और रेप का मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित जगहों पर छापेमारी कर रही है।

पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण के नाम पर लेकर आया था
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अरोपी पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि वो मनासा तहसील के बर्डिया की रहने वाली है। उसका गांव बाछड़ा समाज बाहुल है। इसी के चलते गरोड़ा निवासी भगवतीलाल पाटीदार का यहां आना-जाना था। इस दौरान भगवतीलाल की नजर पीडि़त बच्‍ची पर पड़ी और उसने उसके माता-पिता से उसकी पढ़ाई-लिखाई व बेटी की तरह पालन-पोषण का जिम्मा लेने का कहा। उस वक्‍त पीडि़ता की उम्र 15 साल थी और मैं 8वीं में पढ़ती थी। पढ़ाई में रुचि व आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से परिजन ने मुझे उसके साथ भेज दिया।

एक मकान खरीदकर उसे वहीं रख दिया और फिर हर रात पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि वहां से लाने के बाद भगवतीलाल ने मंदसौर में एक मकान खरीदा और मुझे वहीं रख दिया। यह बात 7 मई 2007 की है। मकान खरीदने से पहले उसने कहा कि अभी मैं नाबालिग हूं इसलिए मैं अपने बेटे के नाम से खरीद रहा हूं। जब बालिग हो जाऊंगी तो वो मकान मेरे नाम कर देगा। 6 माह तक उसने बेटी की तरह ख्‍याल रखा फिर अचानक उसकी नियत खराब हो गई

करने लगा रेप और हो गई गर्भवती
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पीडि़ता ने बताया कि भगवतीलाल हर रात नशे में आता था और उसके साथ दुष्‍कम्र करता था। उसने बताया कि जब मैंने विरोध किया तो उसने कहा कि ‘मैं इंटरनेशनल तस्कर हूं, तेरे परिवार को जान से मार दूंगा, तुझे भी अफीम के केस में फंसा दूंगा। बड़े राजनेताओं व जज से पहचान होने का डर भी बताया।

2015 में हुई गर्भवती और अस्‍पताल में दिया बेटी को जन्‍म
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पीडि़ता ने बताया कि 2015 में गर्भवती हुई और 31 मार्च 2016 को मनासा के एक नर्सिंगहोम में बेटी को जन्म दिया। भगवतीलाल ने वहां पिता के नाम वाले कॉलम में पंकज लिखवाया। मैंने बेटी को अपना नाम देने व मकान नाम करने का कहा तो हमें घर से निकाल दिया। मैं बेटी को लेकर अपने गांव लौटी और हिम्मत कर एसपी से शिकायत की। आरोपी अपनी ब्याहता की तरह रखने लगा। वह समाज व मित्रों के कार्यक्रम में भी साथ ले जाता था, लेकिन जब पत्नी मामने की बात आई तो घर से बाहर निकाल दिया।