मीडिया दुवारा इस्लाम धर्म के अपमान पर मजलिसे ओलमा ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को लिखा विरोध में पत्र

मीडिया दुवारा इस्लाम धर्म के अपमान पर मजलिसे ओलमा ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को लिखा विरोध में पत्र

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भारत में इस समय हर ओर अराजकता का माहौल बना हुआ है, न्यूज़ चैनलों के स्टुडिओ अराजकता का केंद्र बने हुए हैं एक विशेष विचारधारा की मानसिकता के प्रचार का केंद्र बने हुए हैं, न्यूज़ चैनलों पर डेबिट करने वाले पत्रकार तैयार हो कर बैठते हैं कि भगवा का गुणगान करेंगे और इस्लाम धर्म एवं मुस्लिमस को अपमानित करेंगे, समाचार चैनलों के संवादाताओं की भाषा, उनकी उग्र शैली, उनके सवाल, सवालों के खुद ही जवाब देना, धर्म को आधार बना कर वयंग, कुतर्क सब कुछ खबरों की आढ़ में मीडिया से जुड़े माननीय कर रहे हैं|

लखनऊ शहर में मजलिस ओलमाए हिंद ने एक प्रख्यात टीवी चैनल के एंकर की ओर से इस्लामी मान्यताओं के अनादर पर देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर ठोस कार्यवाही की मांग की है।

मजलिस के महासचिव और लखनऊ की एेतिहासिक आसिफ़ी मस्जिद के इमाम मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने इस पत्र में जिसकी प्रतियां गृहमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भी भेजी गई है, कहा है कि एक समाचार चैनल के स्टूडियो में योजनाबद्ध तरीके से पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा, उनकी पत्नी हज़रत आयशा और मुसलमानों की अन्य पवित्र हस्तियों के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल अत्यंत निंदनीय है और इसके ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।

पत्र में कहा गया है कि देश में चुनावों का माहौल है जिसके कारण मुसलमानों की भावनाएं भड़का कर साम्प्रदायिक शक्तियों को सफल बनाने की साजिश रची गई है, इसलिए मुसलमानों को भी अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखना चाहिए ताकि फ़सादी तत्व अपनी साजिशों में सफल न हों। मजलिसे ओलमाए हिंद ने चैनल आज तक की चुप्पी की भी निंदा की है और मांग की है कि चैनल अपने एंकर के ख़िलाफ़ ठोस क़दम उठाए और अगर ऐसा नहीं किया गया तो पूरे देश में विरोध प्रर्दशन किये जायेंगे।

मजलिस ओलमाए हिंद ने प्रधानमंत्री से कहा है कि अगर मीडिया धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम करेगा तो देश में अशांति और नफ़रत की स्थिति पैदा हो जाएगी। यह रवैया ख़तरनाक है और देश के हित में नहीं है इसलिए उन्हें त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए। पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार को चाहिए कि स्थिति में सुधार के लिए और व्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने तथा पवित्र हस्तियों की शान में अभद्र भाषा प्रयोग करने के ख़िलाफ़ चैनल आज तक के एंकर रोहित सरदाना के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जाए।